मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पंजाब भवन में मीडिया सम्मेलन के दौरान घोषणा की कि अब सभी प्ले-वे स्कूलों और छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को पढ़ाने वाले निजी स्कूलों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल अनिवार्य होगा।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से बच्चों की शिक्षा और समग्र विकास की प्रभावी निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा, “छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक समान खेल-आधारित पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसे आंगनवाड़ी केंद्रों, प्ले-वे स्कूलों और प्राथमिक विद्यालयों में लागू किया जाएगा। बच्चों को किताबों के बोझ में दबाने के बजाय, रचनात्मक गतिविधियों और खेल के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी।”
मंत्री ने शिशु देखभाल की अहमियत पर जोर देते हुए कहा, “बच्चों के मस्तिष्क का लगभग 90 प्रतिशत विकास जन्म से छह वर्ष की उम्र के बीच होता है। इसलिए इस आयु में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित पोषण प्रदान करना पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
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उन्होंने यह भी बताया कि मिशन के तहत अभिभावकों को बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है। डिजिटल सामग्री साझा करके माता-पिता घर पर बच्चों के साथ सीखने में मदद कर सकते हैं। अब तक 2,941 अभिभावक समूह गठित किए गए हैं और माता-पिता को दैनिक गतिविधियों के लिए नोटिफिकेशन भेजे जा रहे हैं।
अवसंरचना विकास के क्षेत्र में मंत्री ने कहा कि 1,000 नए आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 700 केंद्र हवादार कमरे, सुसज्जित रसोई, शिशु शौचालय और आधुनिक फर्नीचर के साथ पूरे हो चुके हैं। शेष 300 केंद्र भी जल्द ही तैयार होंगे। प्रत्येक केंद्र पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और कुल परियोजना की लागत 100 करोड़ रुपये है।
डॉ. बलजीत कौर ने अपने संबोधन में कहा, “पंजाब सरकार शिक्षा, पोषण और सुरक्षा के क्षेत्रों में ऐतिहासिक कदम उठा रही है ताकि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित, उज्ज्वल और समग्र विकास से परिपूर्ण हो।”
इस पहल से न केवल बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पंजाब में प्ले-वे और आंगनवाड़ी शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता और निगरानी भी मजबूत होगी।
