सिरसा से नांदेड़ साहिब विशेष ट्रेन रवाना की गई, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। जानें इस धार्मिक यात्रा, आस्था और व्यवस्थाओं से जुड़ी पूरी जानकारी।
सिरसा से नांदेड़ साहिब विशेष ट्रेन रवाना की गई, जिसमें तख्त श्री सचखंड हजूर साहिब, नांदेड़ के लिए श्रद्धालु रवाना हुए। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं उपस्थित होकर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री ने दी मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह सिरसा से नांदेड़ साहिब विशेष ट्रेन रवाना होना श्रद्धा, आस्था और गुरु परंपरा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के सुरक्षित, सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए अरदास की।
सिरसा की ऐतिहासिक धरा से तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड के लिए श्रद्धालुओं की विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाना मेरे लिए परम सौभाग्य का विषय है।
नांदेड़ साहिब की यह पावन यात्रा श्रद्धा, आस्था और गुरु साहिबानों के चरणों में समर्पण का प्रतीक है। सभी गुरु साहिबानों के चरणों में शीश… pic.twitter.com/MPEHjzJtdd
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) May 15, 2026
सिरसा की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा की पवित्र भूमि का सिख इतिहास में विशेष स्थान है। यह भूमि दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के चरणों से जुड़ी हुई है, जिससे इसकी आध्यात्मिक महिमा और अधिक बढ़ जाती है।
श्रद्धालुओं का उत्साह और धार्मिक वातावरण
इस मौके पर बड़ी संख्या में साध संगत मौजूद रही। जैसे ही सिरसा से नांदेड़ साहिब विशेष ट्रेन रवाना हुई, पूरा वातावरण “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में गहरी श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला।
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सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान
प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन सेवा के माध्यम से सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित की गई है। यात्रा के दौरान सभी आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
आस्था और एकता का संदेश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिरसा से नांदेड़ साहिब विशेष ट्रेन रवाना जैसी पहलें समाज में भाईचारा, एकता और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करती हैं और युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती हैं।