केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों का किया खुलासा

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों का किया खुलासा

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में MSP, फसल बीमा सुधार और फसल विविधीकरण जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने की रूपरेखा पेश की।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की रूपरेखा पेश की। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), फसल बीमा सुधार और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसका लक्ष्य लाभप्रदता बढ़ाना और फसल नुकसान से बचाव सुनिश्चित करना है।

फसल विविधता और लाभकारी विकल्प

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार किसानों को तंबाकू की खेती छोड़कर नकदी फसलों जैसे हाइब्रिड मक्का, मिर्च, कपास, सोयाबीन, दालें, तिलहन और बाजरा की ओर प्रोत्साहित कर रही है। इन फसलों के माध्यम से किसानों को टिकाऊ और अधिक आय सुनिश्चित की जाएगी।

छोटे और सीमांत किसानों के लिए एकीकृत कृषि मॉडल

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छोटे भूस्वामियों को समग्र आय सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत कृषि मॉडल लागू किए जा रहे हैं। ये मॉडल पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि-वानिकी जैसी गतिविधियों को जोड़ते हैं, जिससे पूरे वर्ष किसानों की आय स्थिर रहे।

एमएसपी के तहत रिकॉर्ड खरीद

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि MSP पर ऐतिहासिक खरीद चल रही है, जिसमें गेहूं, धान, दालें और तिलहन शामिल हैं। विशेष तौर पर तुअर, मसूर और उड़द जैसी दालों के लिए व्यवस्था की गई है, ताकि किसान अपनी पूरी उपज MSP पर बेच सकें।

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फसल बीमा भुगतान में तेजी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सरकार ने मुआवजा वितरण में तेजी लाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब उपज आंकड़ों के 21 दिनों के भीतर मुआवजा दिया जाएगा। देरी होने पर 12% ब्याज भी बीमाकर्ताओं और राज्य सरकारों द्वारा भुगतान किया जाएगा।

निगरानी और पारदर्शिता

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योजनाओं में अनियमितताओं की कोई गुंजाइश नहीं होगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे कृषि रक्षक पोर्टल के माध्यम से शिकायतों पर निगरानी रखी जा रही है।

डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभ

फसल बीमा के तहत हजारों करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए किसानों के बैंक खातों में जमा किए जा रहे हैं, जिससे राजस्थान सहित कई राज्यों में किसानों को तुरंत लाभ मिल रहा है।

लचीली और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा

चौहान ने कहा कि इन सभी उपायों का लक्ष्य लचीला और आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र तैयार करना है, जहां किसानों को बेहतर आय और जोखिम से सुरक्षा दोनों मिले। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य ऐसी प्रणाली बनाना है जहां किसानों को लाभप्रदता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो। ये पहल भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव को मजबूत करेंगी।”

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