स्कूल फीस बिल अभिभावकों के हित में नहीं ,AAP नेता आतिशी ने बिल में संशोधन की अपील की।

स्कूल फीस बिल अभिभावकों के हित में नहीं ,AAP नेता आतिशी ने बिल में संशोधन की अपील की।

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और AAP नेता आतिशी ने भाजपा सरकार द्वारा लाए गए स्कूल फीस बिल को माता-पिता के अधिकारों पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि नए बिल के तहत अब किसी स्कूल की शिकायत करने के लिए 15% अभिभावकों के हस्ताक्षर अनिवार्य कर दिए गए हैं, जबकि पहले कोई भी पैरेंट शिक्षा निदेशालय से सीधे शिकायत कर सकता था।

आतिशी ने इसे अभिभावकों के अधिकार छीनने वाला कदम बताते हुए बिल में पांच अहम संशोधन की मांग की है:

  1. बिल को सिलेक्ट कमेटी में भेजा जाए, ताकि पैरेंट्स और अन्य हितधारकों से राय ली जा सके।

  2. फीस रेगुलेशन कमेटी में पैरेंट्स की संख्या बढ़ाकर 10 की जाए, जिन्हें चुनाव के जरिए चुना जाए, न कि मनोनयन से।

  3. स्कूल के खातों का ऑडिट अनिवार्य किया जाए और पैरेंट्स को 15 दिन का समय दिया जाए सुझाव देने के लिए।

  4. शिकायत के लिए 15% अभिभावकों की शर्त हटे, केवल 15 पैरेंट्स की शिकायत पर भी कार्रवाई हो।

  5. कमेटी के फैसलों के खिलाफ कोर्ट जाने का अधिकार बहाल किया जाए, जिसे बिल के मौजूदा मसौदे में खत्म कर दिया गया है।

आतिशी ने बिल के प्रावधानों को प्राइवेट स्कूल मालिकों के पक्ष में बताया और कहा कि इससे स्कूलों को मनमानी फीस वसूली का लाइसेंस मिल जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चार महीने तक अभिभावकों से कोई संवाद किए बिना चुपचाप यह बिल विधानसभा में लाया गया, जबकि अप्रैल से ही फीस वृद्धि को लेकर हालात चिंताजनक थे।

आप विधायक संजीव झा ने बिल में न्यायिक समीक्षा के अधिकार को खत्म करने को असंवैधानिक करार दिया, जबकि कुलदीप कुमार ने इसे “अवैध लूट को सरकारी संरक्षण देने की साजिश” बताया।

आतिशी ने दिल्ली के सभी माता-पिता से अपील की कि वे विधानसभा की कार्यवाही लाइव देखें और खुद तय करें कि भाजपा विधायक किसके पक्ष में खड़े हैं — अभिभावकों के या प्राइवेट स्कूलों के।

Related posts

महिला आरक्षण बिल पर सियासी घमासान, संजय सिंह ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली MCD मेयर चुनाव 29 अप्रैल को, राजनीतिक सरगर्मी तेज; डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमिटी पर भी फैसला

ED छापेमारी पर AAP-BJP टकराव तेज: केजरीवाल ने केंद्र पर साधा निशाना, पूछा– “क्या एक रुपया भी मिला?”