पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। बोर्ड पर 595 करोड़ पाकिस्तानी रुपये के घोटाले का आरोप लगा है। पाकिस्तान की रिपोर्ट ने पीसीबी के भीतर वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों की परतें खोल दी हैं। बोर्ड ने पिछले दो वर्षों में भारी वित्तीय गड़बड़ियां की हैं, जिनमें चेयरमैनMohsin Naqvi की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
Mohsin Naqvi पर लगे आरोप
Mohsin Naqvi को फरवरी 2023 से जून 2025 के बीच यूटिलिटी बिल, पेट्रोल और आवास किराये के नाम पर करोड़ों रुपये दिए गए, जबकि वह पहले से ही सरकारी सुविधाएं प्राप्त कर रहे थे। इसके अलावा, उनकी ओर से की गई कुछ नियुक्तियों में भी अनियमितता पाई गई है।
स्पॉन्सरशिप फीस का सबसे बड़ा घोटाला
सबसे गंभीर मामला स्पॉन्सरशिप फीस से जुड़ा है।, PCB ने करीब 18.6 मिलियन डॉलर (लगभग 532 करोड़ पाकिस्तानी रुपये) की स्पॉन्सरशिप राशि वसूल ही नहीं की। यह बोर्ड की वित्तीय लापरवाही और संभावित मिलीभगत को दर्शाता है।
सुरक्षा खर्च भी सवालों में
इंटरनेशनल मैचों के दौरान PCB ने विदेशी टीमों की सुरक्षा के लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों पर 2.2 लाख डॉलर (करीब 6.3 करोड़ पाकिस्तानी रुपये) खर्च किए, जबकि यह जिम्मेदारी सरकार की होती है, न कि क्रिकेट बोर्ड की।
अवैध नियुक्तियों के आरोप
ऑडिटर्स ने यह भी पाया कि तीन जूनियर कोच और एक मीडिया डायरेक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और नियमों को दरकिनार कर भर्तियां की गईं।
अभी तक नहीं आया पीसीबी का जवाब
इन गंभीर आरोपों पर अब तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद पीसीबी और मोहसिन नकवी की आलोचना चारों ओर हो रही है।
पीसीबी में सामने आया यह घोटाला एक बार फिर क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक बड़ी साखी चोट साबित हो सकती है।