मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिया सख्त एक्शन, सांगानेर में तहसीलदार सहित तीन पर गिरी गाज

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिया सख्त एक्शन, सांगानेर में तहसीलदार सहित तीन पर गिरी गाज

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सांगानेर तहसील में तहसीलदार और दो पटवारियों को निलंबित किया। जानें इस त्वरित कार्रवाई के बारे में और प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखने के राज्य सरकार के प्रयासों के बारे में।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, राज्य सरकार प्रशासनिक प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी। इसी नीति के तहत सांगानेर तहसील में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद तहसीलदार सहित तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

भूमि परिवर्तन मामले में अनियमितता का खुलासा

सांगानेर तहसील के पालड़ी परसा गांव में पेटा तालाबी भूमि को गलत तरीके से बंजर या बारानी दर्शाकर भूमि किस्म परिवर्तन कराने की गंभीर अनियमितता सामने आई थी। इसे ध्यान में रखते हुए, राजस्व विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। जांच में दोषी पाए जाने पर सांगानेर तहसीलदार कार्तिकेय लाटा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही पटवार हलका देवलिया की पटवारी नयनसी वर्मा और पूर्व पटवारी हाकिम सिंह गुर्जर को भी इस मामले में संलिप्त पाया गया, जिसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए थे। उनके निर्देशों के बाद राजस्व मंडल ने बिना किसी देरी के अनुशासनात्मक कदम उठाए। यह कदम राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाती है।

लापरवाही और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रशासन को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में शासन और प्रशासन को पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा दी जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह कदम राजस्थान सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस नीति और प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

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