पंजाब सरकार ने OTS-2025 योजना की समय सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने करदाताओं से योजना का लाभ उठाने की अपील की।
पंजाब सरकार ने जीएसटी लागू होने से पहले के लंबित कर मामलों के समाधान के लिए शुरू की गई वन टाइम सेटलमेंट (OTS-2025) योजना की समय सीमा बढ़ा दी है। अब पात्र करदाता इस योजना का लाभ 30 सितंबर 2026 तक उठा सकेंगे। इससे पहले योजना की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई थी।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दी जानकारी
पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि OTS-2025 योजना को करदाताओं से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पुराने कर विवादों को खत्म करने और व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की थी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब तक 9,782 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें करीब 437.51 करोड़ रुपये की कर मांग से जुड़े मामले शामिल हैं। इन मामलों में करदाताओं द्वारा 167.23 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।
सरकार ने दी 534 करोड़ रुपये से अधिक की राहत
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि OTS-2025 के माध्यम से सरकार ने कर, ब्याज और जुर्माने में कुल 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि व्यापार जगत का सरकार की पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों में विश्वास बढ़ रहा है।
पुराने टैक्स मामलों के समाधान पर सरकार का जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पुराने कर विवादों को जल्द से जल्द समाप्त करना है, ताकि व्यापारी और उद्योगपति बिना कानूनी परेशानियों के अपने कारोबार पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि OTS योजना पात्र करदाताओं को लंबे समय से लंबित मामलों को निपटाने का एक बेहतर अवसर प्रदान कर रही है।
डिफॉल्टर करदाताओं पर सख्ती जारी
हरपाल सिंह चीमा ने यह भी स्पष्ट किया कि जहां सरकार राहत दे रही है, वहीं लंबे समय से टैक्स का भुगतान नहीं करने वाले करदाताओं के खिलाफ कार्रवाई भी जारी है।
उन्होंने बताया कि पुराने वैट बकायेदारों के खिलाफ संपत्ति कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया तेज की गई है। इन कार्रवाइयों के जरिए अब तक 12.39 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है।
30 सितंबर के बाद नहीं मिलेगा और मौका
मंत्री ने शेष पात्र करदाताओं से अपील की कि वे समय रहते OTS-2025 योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत निर्धारित स्लैब के अनुसार मूल कर राशि में राहत के साथ-साथ ब्याज और जुर्माने में पूरी छूट का लाभ मिल सकता है। उन्होंने साफ किया कि 30 सितंबर 2026 की समय सीमा अंतिम है और इसके बाद कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा।
समय सीमा खत्म होने के बाद होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने चेतावनी दी है कि अंतिम तारीख के बाद बकाया मामलों में पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम और अन्य कर कानूनों के तहत कार्रवाई तेज की जाएगी। इसमें बैंक खाते सील करना, संपत्तियां जब्त करना और नीलामी जैसी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।
विभाग ने अगस्त 2026 में करीब 48.48 करोड़ रुपये के बकाया की वसूली के लिए 13 नीलामी प्रक्रियाएं निर्धारित की हैं। संबंधित करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए समय रहते OTS-2025 के तहत अपने मामलों का निपटारा कर लें।