AAP नेता हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब फार्मेसी परीक्षा कथित धोखाधड़ी मामले में हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए और हरियाणा-राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग की।
पंजाब के शिक्षा मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब फार्मेसी परीक्षा कथित धांधली मामले को लेकर हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री पंजाब को निशाना बनाने में व्यस्त हैं, जबकि इस मामले में कथित नेटवर्क के मुख्य आरोपी का संबंध हरियाणा के भिवानी जिले से है।
हरियाणा और राजस्थान से जुड़े लोगों पर लगाए आरोप
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब फार्मेसी परीक्षा मामले में सामने आए कथित 13 हैंडलर्स में से 8 लोगों के संबंध हरियाणा और राजस्थान से बताए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह एक अंतरराज्यीय नेटवर्क हो सकता है, जिसकी गहन जांच जरूरी है।
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हरियाणा सरकार से मांगा जवाब
AAP नेता ने हरियाणा सरकार से सवाल किया कि यदि ऐसा कोई कथित परीक्षा धोखाधड़ी नेटवर्क उसके राज्य से संचालित हो रहा था, तो समय रहते उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि पंजाब पर सवाल उठाने से पहले हरियाणा सरकार को अपने राज्य में सक्रिय ऐसे नेटवर्क की जानकारी और उस पर हुई कार्रवाई को लेकर जवाब देना चाहिए।
Haryana CM is busy targeting Punjab, while the alleged mastermind in the Punjab Pharmacy exam cheating case is from Bhiwani, Haryana.
Out of the 13 alleged handlers, 8 are from Haryana and Rajasthan.
Before preaching to Punjab, the Haryana Government should explain how such an… pic.twitter.com/25RPf0FXP3
— Harjot Singh Bains (@harjotbains) July 31, 2026
अन्य राज्यों की भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग
हरजोत सिंह बैंस ने मांग की कि हरियाणा और राजस्थान में आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की भी जांच की जानी चाहिए, ताकि कथित नेटवर्क की पूरी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखना सरकारों की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की अनियमितता के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
परीक्षा धांधली मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज
पंजाब फार्मेसी परीक्षा मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से जहां मामले में कथित नेटवर्क के दूसरे राज्यों से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है, वहीं विपक्षी दलों की ओर से भी सरकार से जवाब मांगा जा रहा है।