पंजाब विधानसभा में ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल-2026’ पेश किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) नेता तरूणप्रीत सिंह सोंड ने विपक्ष, विशेषकर बादल गुट पर तीखा हमला बोला है।
तरनप्रीत सिंह सोंड ने विपक्षी दलों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जो नेता वर्षों से पंथ और धार्मिक भावनाओं के नाम पर राजनीति करते आए हैं, वे इस महत्वपूर्ण विधेयक के दौरान सदन में मौजूद नहीं थे। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता करार दिया।
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ਜਾਗਤ ਜੋਤ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਸਤਿਕਾਰ (ਸੋਧ) ਬਿਲ 2026 ਦਾ ਬਿਲ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ‘ਚ ਪੇਸ਼ ਹੋਇਆ ਅਤੇ 70 ਸਾਲਾਂ ‘ਚ ਪੰਥ ਦੇ ਨਾਂ ‘ਤੇ ਵੋਟਾਂ ਲੈਂਦੇ ਆਏ ਬਾਦਲ ਧੜੇ ਦੇ ਇਕਲੌਤੇ ਵਿਧਾਇਕ ਨੇ ਹਾਜ਼ਰ ਹੋਣਾ ਵੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਨਹੀਂ ਸਮਝਿਆ। ਵੱਡੇ ਸਵਾਲ ਇਹ ਉੱਠਦੇ ਹਨ ਕਿ ਕੀ ਸ਼ਬਦ… pic.twitter.com/7xk3zX3qQR
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 14, 2026
उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के समय विपक्षी नेताओं की गैरमौजूदगी कई सवाल खड़े करती है। तरूणप्रीत सिंह सोंड के अनुसार, ऐसे नेताओं की भूमिका और उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
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AAP नेता तरूणप्रीत सिंह सोंड ने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने अतीत में पंथिक मुद्दों पर अपनी बात बदलते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपनी गलतियों को स्वीकार किया था, लेकिन बाद में अपने ही रुख से पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार से जनता का भरोसा कमजोर होता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान जैसे मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी दलों को मिलकर गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।
सरकार की ओर से इस विधेयक को धार्मिक सम्मान और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने वाला कदम बताया गया है। वहीं विपक्ष की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों के बीच यह मुद्दा सियासी बहस का केंद्र बन गया है।