16वीं पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान आज एक महत्वपूर्ण विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल-2026’ को पारित करते हुए राज्य सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रति सम्मान और सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि शबद गुरु हैं, जिनसे हमें सत्य, सेवा और मानवता की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का यह स्पष्ट रुख है कि आस्था और धार्मिक भावनाओं की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ਕੱਲ੍ਹ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ 16ਵੀਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਇਜਲਾਸ ਦੌਰਾਨ ਜੁਗੋ-ਜੁਗ ਅਟਲ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਸਤਿਕਾਰ ਬਾਰੇ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ ‘ਜਾਗਤ ਜੋਤਿ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਸਤਿਕਾਰ (ਸੋਧ) ਬਿੱਲ-2026’ ਸਰਬਸੰਮਤੀ ਨਾਲ ਪਾਸ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।
ਅਸੀਂ ਪਵਿੱਤਰ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਨੂੰ ਸ਼ਬਦ ਗੁਰੂ ਮੰਨਦੇ… pic.twitter.com/EiDtwyCWvW
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) April 14, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रति किसी भी प्रकार की बेअदबी या अपमान को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संशोधन केवल कानूनी बदलाव नहीं है, बल्कि समाज की आस्था और धार्मिक सम्मान को सुरक्षित रखने का दृढ़ संकल्प है।
नए संशोधन बिल के तहत बेअदबी से जुड़े मामलों में सख्त सजा का प्रावधान किया गया है, जिसमें आजीवन कारावास, भारी जुर्माना और गैर-जमानती अपराध जैसी कठोर धाराएँ शामिल हैं। सरकार का दावा है कि यह कानून अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी की गुंजाइश नहीं छोड़ेगा।
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सरकार ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकना और समाज में शांति, एकता और भाईचारे को बनाए रखना भी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से ही गुरुओं की धरती रहा है और यहां धार्मिक सद्भाव सर्वोपरि है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कानून राज्य में आस्था की रक्षा और सामाजिक एकता को और मजबूत करेगा।