पंजाब सरकार हाई कोर्ट के डीए बकाया आदेश की समीक्षा कर रही है। 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भुगतान पर जल्द फैसला संभव है।
पंजाब सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश की समीक्षा शुरू कर दी है, जिसमें करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लंबित महंगाई भत्ता (डीए) का बकाया जारी करने का निर्देश दिया गया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि सरकार सभी कानूनी और संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा करेगी, लेकिन आदेश से जुड़े कई कानूनी पहलुओं की दोबारा जांच की जा रही है।
चीमा ने कहा कि सुनवाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाई। सरकार की कानूनी टीम अब पूरे मामले का अध्ययन कर रही है और समीक्षा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
हाई कोर्ट ने 15 दिन में डीए बकाया देने का दिया था आदेश
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का लंबित डीए बकाया 15 दिनों के भीतर जारी किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में बकाया राशि पर 6 प्रतिशत ब्याज देना पड़ सकता है। इसके अलावा, अदालत ने सरकार को डीए भुगतान पूरा होने तक विज्ञापनों पर होने वाले खर्च को रोकने का निर्देश भी दिया था।
डीए बकाया को लेकर सरकार ने बताई पुरानी वजह
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस मामले के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि डीए बकाया का मुद्दा छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट से जुड़ा है, जिसे साल 2016 में पेश किया गया था, लेकिन लंबे समय तक इसे लागू नहीं किया गया।
उन्होंने दावा किया कि 1 जनवरी 2016 से जुलाई 2021 तक का महंगाई भत्ता कर्मचारियों को नहीं मिल पाया, जिससे करीब 14,191 करोड़ रुपये की देनदारी जमा हो गई।
चीमा ने कहा कि पिछली अकाली दल-भाजपा सरकार और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी इस राशि के भुगतान को लेकर कोई अंतिम समाधान नहीं निकाला गया।
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सरकार ने बताई चरणबद्ध भुगतान योजना
पंजाब सरकार का कहना है कि वह पहले से ही चरणबद्ध तरीके से डीए बकाया का भुगतान कर रही है। वित्त मंत्री के अनुसार:
- साल 2024-25 में 85 वर्ष से अधिक उम्र वाले पेंशनभोगियों के बकाये का भुगतान किया गया।
- साल 2025-26 में 75 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनभोगियों को भुगतान किया गया।
- साल 2026-27 में कर्मचारियों और अन्य पेंशनभोगियों के लंबित डीए भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है।
चीमा ने दावा किया कि कुल 14,191 करोड़ रुपये की देनदारी में से सरकार लगभग 6,000 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर चुकी है।
पंजाब सरकार ने वेतन व्यवस्था का किया बचाव
वित्त मंत्री ने राज्य कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन का बचाव करते हुए कहा कि पंजाब देश के उन राज्यों में शामिल है जहां कर्मचारियों को बेहतर वेतन दिया जाता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब में एक क्लर्क का वेतन करीब 54,812 रुपये है, जबकि केंद्र सरकार में समान पद पर वेतन लगभग 36,960 रुपये है। उन्होंने कहा कि अन्य कर्मचारी वर्गों में भी पंजाब की वेतन संरचना मजबूत है।
डीए भुगतान को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब में डीए बकाया को लेकर राजनीतिक और कर्मचारी संगठनों के बीच बहस तेज हो गई है। कर्मचारी संगठन जल्द भुगतान की मांग कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार कानूनी विकल्पों और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है।
फिलहाल सभी की नजरें पंजाब सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं कि वह हाई कोर्ट के आदेश का पालन करेगी या फिर इसके खिलाफ कोई कानूनी कदम उठाएगी।