चंडीगढ़ – पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के व्यापारियों और उद्योगपतियों को एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) स्कीम-2025 की समय-सीमा को बढ़ाकर अब 31 मार्च, 2026 करने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट मीटिंग के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह फैसला व्यापारिक संगठनों और जीएसटी (GST) प्रैक्टिशनर्स की मांग को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि साल के अंत में करदाताओं पर अनुपालन (compliance) का बोझ अधिक होने के कारण कई लोग इस योजना का लाभ उठाने से वंचित रह सकते थे, इसलिए सरकार ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
ब्याज और जुर्माने में 100% की छूट
यह योजना मुख्य रूप से जीएसटी लागू होने से पहले के पुराने वैट (VAT) और केंद्रीय बिक्री कर (CST) से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए है। योजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- ब्याज और जुर्माना: सभी पात्र श्रेणियों के लिए ब्याज और जुर्माने पर 100% छूट दी जाएगी।
- मूल टैक्स (Principal Tax) में राहत:
- 1 करोड़ रुपये तक के मामलों में: 50% की छूट।
- 1 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक के मामलों में: 25% की छूट।
- 25 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों में: 10% की छूट।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब तक 6,300 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और सरकार को उम्मीद है कि इस विस्तार से उन व्यापारियों को मदद मिलेगी जो प्रशासनिक कारणों से आवेदन नहीं कर पाए थे।
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਿਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੀਟਿੰਗ ਉਪਰੰਤ ਮੀਡਿਆ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਵਨ ਟਾਈਮ ਸੈੱਟਲਮੈਂਟ ਸਕੀਮ(OTS) ਅਤੇ ਹੋਰ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਲਈ ਅਹਿਮ ਫ਼ੈਸਲੇ ਲਏ ਗਏ ਹਨ।#GovernmentOfPunjab#ਪੰਜਾਬ_ਸਰਕਾਰ pic.twitter.com/cQ2wB8v1Cs
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) March 3, 2026
डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
राहत की घोषणा के साथ ही हरपाल सिंह चीमा ने कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने पहले ही उन बड़े डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है जिन्होंने स्कीम का लाभ नहीं लिया। अब तक 91 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क (attach) की जा चुकी हैं।
“यह व्यापारियों और राइस मिलर्स के लिए अपने पुराने विवादों को सुलझाने का आखिरी मौका है। 31 मार्च 2026 के बाद, विभाग उन लोगों के खिलाफ सख्त वसूली प्रक्रिया शुरू करेगा जो इस सेटलमेंट का हिस्सा नहीं बनेंगे।” — हरपाल सिंह चीमा, वित्त मंत्री
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट ने कुछ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को भी मंजूरी दी:
मेरी रसोई योजना: 40 लाख परिवारों को गेहूं के साथ दाल, चीनी, नमक और तेल जैसे राशन के सामान उपलब्ध कराए जाएंगे।
विकास कार्य: राज्य भर में बुनियादी ढांचे और नई सड़कों के निर्माण के लिए फंड जारी करने को मंजूरी दी गई।
इनामी नीति: वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए एक पारदर्शी ‘पुरस्कार नीति’ को मंजूरी दी गई।