पंजाब कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले, किसानों और पंचायत व्यवस्था से जुड़े अहम बदलावों को मंजूरी

पंजाब कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले, किसानों और पंचायत व्यवस्था से जुड़े अहम बदलावों को मंजूरी

पंजाब कैबिनेट बैठक में किसानों, पंचायत राज अधिनियम और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अहम फैसले लिए गए। जानें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा घोषित पूरी जानकारी।

पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी साझा की।

किसानों को राहत, नदी किनारे की रेत उपयोग करने की अनुमति

कैबिनेट ने एक अहम निर्णय लेते हुए सतलुज और घग्गर नदियों के आसपास के क्षेत्रों के किसानों को राहत प्रदान की है। अब किसान अपने खेतों में नदी से आई रेत का उपयोग स्वयं स्तर पर कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए भूमि मालिक को सरकार से आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे कृषि कार्यों में आसानी होगी।

also read: चंडीगढ़ में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा बयान, केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पंचायत राज अधिनियम में संशोधन को मंजूरी

बैठक में पंजाब पंचायत राज अधिनियम 1994 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है। इसके तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के पदों के लिए आरक्षण से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया गया है।

10% क्षेत्र परिवर्तन पर बदलेगा रोस्टर

कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि यदि किसी क्षेत्राधिकार में 10 प्रतिशत तक बदलाव होता है, तो उसके अनुसार आरक्षण रोस्टर में भी संशोधन किया जाएगा। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संतुलित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जाएगी।

आपत्तियों पर 10 दिनों में सुनवाई का प्रावधान

नई व्यवस्था के तहत किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने के लिए 10 दिनों का समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में संबंधित शिकायतों की सुनवाई की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Related posts

AAP विधायक चैतर वसावा के नेतृत्व में नर्मदा जिले में जनसभाओं को मिला भारी प्रतिसाद

AAP के उम्मीदवारों और बूथ प्रमुखों को प्रभारी गोपाल राय ने दिया महत्वपूर्ण मार्गदर्शन

दिल्ली MCD मेयर चुनाव 29 अप्रैल को, राजनीतिक सरगर्मी तेज; डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमिटी पर भी फैसला