किसान हित में बनाए गए पुल को तोड़ने पहुंचे विधायक का व्यवहार गुजरात की संस्कृति को कलंकित करने वाला: AAP प्रवीण राम
आम आदमी पार्टी के प्रदेश फ्रंटल अध्यक्ष और प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष प्रवीण राम ने वीडियो के माध्यम से सत्ताधारी पक्ष के विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि, मांगरोल में ‘आप’ के नेता पीयूषभाई परमार ने तालुका पंचायत के कार्यकाल के दौरान किसानों के हित के लिए जो पुल बनवाया था, उसे तोड़ने के लिए विधायक पूरे सरकारी तंत्र को साथ लेकर मौके पर पहुंचे थे और वहां मौजूद किसानों को गालियां दी थीं। पुल बनाने की बात तो दूर रह गई और वे पुल तोड़ने पहुंच गए। इस घटना के बाद जब मीडिया ने सवाल पूछा तो विधायक ने बेधड़क जवाब दिया कि “यह तो मेरे क्षेत्र की रूटीन भाषा है”। गुजरात की संस्कारी धरती पर जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जाना दुखद है। हालांकि, दबंगई और गाली देना ही अब इस पार्टी की संस्कृति और भ्रष्ट नीति बन गई है।
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‘आप’ नेता प्रवीण राम ने विधायक से सीधे दो सवाल पूछते हुए कड़ी मांगें की हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर गाली देना आपके लिए ‘रूटीन’ है, तो आपके क्षेत्र में खुलेआम चल रहे शराब के अड्डों और बेखौफ बने खनिज माफियाओं की अवैध पत्थर की खदानों पर आप किस तारीख को और कितने बजे तंत्र को साथ लेकर ‘रूटीन’ गाली देने जाने वाले हैं? इसका समय और तारीख सार्वजनिक करें ताकि हम भी आपको समर्थन देने आ सकें। गुजरात के किसानों के खिलाफ लाल आंख और शराब-खनिज माफियाओं के खिलाफ आंखें मूंदने की ऐसी दोहरी नीति नहीं चलेगी। विधायक या तो माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करें या गुजरात के किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा आगामी चुनावों में गुजरात के किसान उन्हें करारा जवाब देंगे।