प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल ग्रामीण क्षेत्रों और अन्नदाताओं के लिए, बल्कि देश के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों को भी विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि इस बजट में जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरों को विकास के बड़े केंद्र में बदलने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से पंजाब सहित पूरे देश के उत्पादकों को अपने उत्पादों के निर्यात में बड़ा लाभ मिलेगा।
गुरु रविदास जयंती के अवसर पर डेरा सचखंड बल्लां में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बजट में 17 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों, गरीबों, किसानों और युवाओं को सीधे लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहलों को आगे बढ़ाने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का माध्यम होगा।
also read: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल ऊर्जा दिग्गजों के साथ…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ का जिक्र करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ के साथ समझौता भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। इस समझौते से भारत का 27 देशों के साथ व्यापार बढ़ेगा, और माल निर्यात पर टैक्स कम होने से भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा।
उन्होंने पंजाब के कपड़ा उद्योग और खेल सामग्री उद्योग पर विशेष ध्यान दिलाया। पीएम मोदी ने कहा कि जालंधर, लुधियाना और अमृतसर के कारखानों में उत्पादन बढ़ेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, मोगा, फिरोजपुर, होशियारपुर और बठिंडा के किसानों को भी इस समझौते से लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी उत्पादकों और उद्योगपतियों से गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत के उत्पाद वैश्विक बाजार में उच्च गुणवत्ता और भरोसेमंद पहचान के साथ पहुंचें। वैश्विक प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चेताया कि अगर गुणवत्ता पर समझौता हुआ तो वैश्विक अवसर खो जाएंगे।
पीएम मोदी ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह बजट और यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता भारत के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक निर्णायक कदम साबित होगा।