मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जींद के उझाना में सिद्ध बाबा खाक नाथ जी समाधि स्थल प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लिया और आध्यात्मिक परंपराओं पर बात रखी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जींद जिले के उझाना में आयोजित श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ जी के नवनिर्मित समाधि स्थल पर आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उझाना की यह पावन भूमि श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने सिद्ध बाबा खाक नाथ जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए सभी के कल्याण की कामना की।
नाथ परंपरा और गुरु गोरक्षनाथ के संदेश को किया याद
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु गोरक्षनाथ जी ने समाज को तप, त्याग, योग, सेवा और राष्ट्रधर्म का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि नाथ संप्रदाय की परंपरा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
उन्होंने कहा कि लगभग 600 वर्षों से यह पावन मठ श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है और नाथ संप्रदाय में इसकी विशेष पहचान है।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने जींद के उझाना में आयोजित श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ जी के नवनिर्मित समाधि स्थल पर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
“उझाना की यह पावन तपोभूमि श्रद्धा, आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन परंपरा का प्रतीक है। गुरु…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 27, 2026
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों की शिक्षा देना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना समाज की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने धार्मिक स्थलों को भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
बाबा खाक नाथ जी के आशीर्वाद की कामना
समारोह में मुख्यमंत्री ने श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ जी की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा को श्रद्धा और भक्ति का विशेष अवसर बताया। उन्होंने प्रार्थना की कि बाबा खाक नाथ जी की कृपा सभी लोगों पर बनी रहे और प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण कायम रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया और धार्मिक आयोजन में अपनी आस्था व्यक्त की।