मोदी कैबिनेट ने 21 जनवरी को 2 बड़े फैसले लिए: SIDBI को 5000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता और अटल पेंशन योजना के फंड को 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी। जानें इन फैसलों से MSME और श्रमिकों पर क्या असर होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो महत्वपूर्ण फैसले किए। मोदी कैबिनेट ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को 5000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता प्रदान करने और अटल पेंशन योजना (APY) के लिए फंड को 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दी।
SIDBI को इक्विटी सहायता
मोदी कैबिनेट ने SIDBI में 5000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी निवेश को मंजूरी दी है, जो वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के माध्यम से तीन चरणों (ट्रांच) में डाली जाएगी। इस निवेश से लगभग 25.74 लाख नए MSME लाभार्थियों को फायदा होगा। वित्त वर्ष 2025 के अंत में वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले MSMEs की संख्या 76.26 लाख थी, जो 2028 के अंत तक बढ़कर 102 लाख होने की उम्मीद है।
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नौकरियों के सृजन का अनुमान
MSME मंत्रालय की वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 6.90 करोड़ MSMEs ने 3016 करोड़ रोजगार प्रदान किए हैं। औसत के हिसाब से वित्त वर्ष 2027-28 तक नए MSME लाभार्थियों के जुड़ने से लगभग 1.12 करोड़ नई नौकरियां सृजित होने की संभावना है।
अटल पेंशन योजना को बढ़ावा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने और प्रचार व विकासात्मक गतिविधियों के लिए फंड बढ़ाने की मंजूरी दी। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना और उन्हें वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
अटल पेंशन योजना से निम्न-आय वर्ग और असंगठित श्रमिकों को स्थायी सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी। यह कदम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी मददगार साबित होगा।