Meta ने Facebook और Instagram के लिए नया AI-पावर्ड सपोर्ट हब लॉन्च किया। अब अकाउंट रिकवरी, समस्या रिपोर्टिंग और सुरक्षा फीचर्स एक ही जगह, तेज़ और भरोसेमंद तरीके से उपलब्ध।
Meta ने अपने प्लेटफॉर्म्स Facebook और Instagram के लिए नया केंद्रीकृत सपोर्ट हब रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य यूजर्स को अकाउंट समस्याओं का समाधान तेज़ और भरोसेमंद तरीके से उपलब्ध कराना है। अब अलग-अलग मेनू में जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि अकाउंट रिकवरी, समस्या रिपोर्टिंग और सवालों के जवाब एक ही जगह मिलेंगे। इसके साथ ही AI-सक्षम सर्च फीचर यूजर्स को तुरंत समाधान खोजने में मदद करेगा।
नया अकाउंट रिकवरी सिस्टम
Meta ने अकाउंट रिकवरी प्रक्रिया को और सुरक्षित और स्मार्ट बनाया है। इसमें उन्नत वेरिफिकेशन, मजबूत सुरक्षा और AI आधारित खतरा डिटेक्शन शामिल हैं। अब पासकी, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और बेहतर अलर्ट सिस्टम के जरिए अकाउंट सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है। यह अपडेट iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म्स पर धीरे-धीरे उपलब्ध कराया जा रहा है।
नए सपोर्ट हब में क्या मिलेगा?
Meta के नए सपोर्ट हब में यूजर्स एक ही स्क्रीन से कई सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे:
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अकाउंट रिकवरी
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समस्या रिपोर्टिंग
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AI सर्च के जरिए त्वरित समाधान
कंपनी का कहना है कि इससे यूजर्स को सुविधा होगी और कंफ्यूजन कम होगा।
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AI असिस्टेंट: पर्सनलाइज्ड मदद
Meta ने एक नया AI सपोर्ट असिस्टेंट भी पेश किया है, जो फिलहाल टेस्टिंग में है। यह यूजर्स को अकाउंट रिकवरी, सिक्योरिटी और प्राइवेसी सेटिंग्स, और प्रोफाइल मैनेजमेंट में पर्सनल गाइडेंस देता है। शुरुआत Facebook पर की गई है और बाद में इसे Instagram व अन्य Meta ऐप्स में जोड़ा जाएगा।
सुरक्षा और हेकिंग से बचाव
Meta के AI-सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधियों को पहचानकर हेकिंग को 30% तक कम किया है। AI लॉगिन व्यवहार का विश्लेषण करता है और फिशिंग प्रयासों को तुरंत रोकता है।
आसान और सुरक्षित अकाउंट रिकवरी
नए सपोर्ट हब में रिकवरी विकल्प अब ज्यादा स्पष्ट हैं। यूजर्स को असामान्य गतिविधियों के बारे में सटीक अलर्ट मिलेंगे और पहचान की पुष्टि के लिए सेल्फी वीडियो विकल्प भी उपलब्ध होगा।
सिक्योरिटी चेकअप और पासकी फीचर
Meta ने Facebook और Instagram दोनों पर सिक्योरिटी चेकअप टूल अपग्रेड किया है। यह टूल यूजर्स को अकाउंट में संभावित खतरों का पता लगाने और उन्हें ठीक करने में मदद करता है। यूजर्स अब टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन आसानी से एक्टिवेट कर सकते हैं। साथ ही, Facebook और Messenger में पासकी फीचर भी जोड़ा गया है, जिससे फिंगरप्रिंट, फेस या डिवाइस PIN के जरिए बिना पासवर्ड लॉगिन किया जा सकता है।
यह नया AI-पावर्ड सपोर्ट हब Meta के प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा और यूजर सहायता को अगले स्तर पर ले जाने वाला कदम साबित हो सकता है।