भाजपा के कई नेताओं ने वनकर्मियों को सार्वजनिक रूप से पीटा है, लेकिन उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ: इसुदान गढ़वी
आम आदमी पार्टी के डेडियापाड़ा के विधायक चैतर वसावा को एक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया और उसके बाद तेजी से मुकदमा चलाकर उन्हें, उनके परिवार को तथा आदिवासी समाज के नेताओं को सात वर्ष की सजा सुनाई गई। इसके बाद आज आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी और प्रदेश महासचिव मनोज सोरठिया ने विधायक चैतर वसावा के परिवार से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और परिवार का हौसला बढ़ाया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि भाजपा ने चैतरभाई वसावा को झूठे तरीके से जेल में फंसाया है। चैतरभाई हमारे परिवार के सदस्य हैं, इसलिए मैं, प्रदेश संगठन महासचिव मनोज सोरठिया सहित पूरी टीम आज चैतरभाई के परिवार से मिलने आई थी। हमने चैतरभाई की पत्नी वर्षाबेन से मुलाकात की। आदिवासी समाज में भाजपा के प्रति जिस तरह का गुस्सा है, उस विषय पर हमने चर्चा की।
ભાજપે ખોટા કેસમાં ફસાવીને ચૈતર વસાવાને જેલમાં મોકલ્યા છે, પરંતુ સત્યનો અવાજ દબાવી શકાય નહીં.
આજે આમ આદમી પાર્ટીના પ્રદેશ પ્રમુખ શ્રી @isudan_gadhvi , પ્રદેશ સંગઠન મહામંત્રી શ્રી @manoj_sorathiya અને પ્રદેશ સંગઠન મંત્રી શ્રી નિરંજન વસાવાએ ચૈતરભાઈના પરિવારની મુલાકાત લઈ આ મુશ્કેલ… pic.twitter.com/8OVIH45Rw6
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) July 1, 2026
भाजपा ने चैतरभाई के परिवार को जेल में डलवा दिया है, इसलिए फिलहाल वर्षाबेन अकेली हैं, लेकिन वे बहुत मजबूत हैं और स्वयं एक मजबूत नेता भी हैं। जिन अन्य आदिवासी समाज के लोगों को जेल में डाला गया है, उनकी जिम्मेदारी भी अब उन्हीं पर है, इस विषय पर भी हमने चर्चा की। हम एक परिवार के रूप में इन सभी लोगों के साथ खड़े हैं।
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आगे आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने कहा कि एक बात मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि मैं आज बहुत से लोगों से मिला और रास्ते में भी आदिवासी समाज के लोगों से मिला। हमने देखा कि जनता में भाजपा के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों के मन में सवाल है कि चैतरभाई का मामला इतनी जल्दी क्यों चलाया गया? यह सब कैसे हुआ? मारपीट के कोई सबूत नहीं हैं। यहां भाजपा के कई नेताओं ने वनकर्मियों को सार्वजनिक रूप से पीटा है, लेकिन उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ और उन्हें कोई सजा नहीं दी गई। आदिवासी समाज के मन में सवाल है कि बार-बार चैतरभाई को जेल में डाला जा रहा है, तो क्या अब आदिवासी समाज की आवाज दबा दी जाएगी? क्या भाजपा के लोग अंग्रेजों से भी बदतर हैं? आज आदिवासी समाज में बहुत गुस्सा है। जो आदिवासी समाज अंग्रेजों के सामने नहीं झुका, उसके सामने अब भाजपा क्या चीज है? आदिवासी समाज के लोगों ने तय किया है कि डेडियापाड़ा में एक लाख लोग इकट्ठा होंगे और भाजपा को ललकारेंगे कि अब यदि चैतरभाई ही नहीं बल्कि आदिवासी समाज के किसी भी युवक पर मामला दर्ज किया गया, तो भाजपा के नेताओं को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा।