इसुदान गढ़वी: चैतरभाई वसावा के समर्थन में डेडियापाड़ा में समस्त आदिवासी समाज का बड़ा सम्मेलन आयोजित होगा

इसुदान गढ़वी: चैतरभाई वसावा के समर्थन में डेडियापाड़ा में समस्त आदिवासी समाज का बड़ा सम्मेलन आयोजित होगा

चैतरभाई के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन में गुजरात सहित राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी लोग शामिल होंगे: इसुदान गढ़वी

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी और संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया विधायक चैतर वसावा के समर्थन में डेडियापाड़ा पहुंचे थे। यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए ‘आप’ नेता इसुदान गढ़वी ने कहा कि आज आदिवासी समाज के हीरो, समाज के रत्न और अंबाजी से उमरगाम तक आदिवासियों को जागरूक करके उनकी बुलंद आवाज बनने वाले चैतरभाई वसावा, उनके परिवार और अन्य आदिवासी नेताओं को भाजपा ने झूठे तरीके से जेल में डाल दिया है। इस अन्याय की गूंज पूरे आदिवासी समाज में सुनाई दी है। भाजपा सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बातें करती थी, लेकिन अब उन्हें पता चल गया है कि विकास के नाम पर उन्होंने खासकर आदिवासी क्षेत्रों में कुछ भी नहीं किया है। जब चैतरभाई वसावा ने मनरेगा योजना में हुए ₹2,500 करोड़ के घोटाले, ‘नल से जल’ योजना में भ्रष्टाचार और जल-जंगल-जमीन के मुद्दों का पर्दाफाश किया, तब भाजपा ने द्वेष रखते हुए इस घटिया स्तर की राजनीति शुरू की। राजनीतिक दुर्भावना इतनी बढ़ गई कि 15 दिन के बच्चे को उसकी मां के साथ जेल में रखा गया! ऐसा कृत्य करने की हिम्मत तो अंग्रेजों के शासन में भी नहीं हुई थी। भाजपा के वकीलों, भाजपा के अधिकारियों और उनके ही शिकायतकर्ताओं ने मिलीभगत करके डे-टू-डे केस चलाकर पूरी टीम को सजा दिला दी। कुछ भाजपा नेता कहते हैं कि सजा कोर्ट ने दी है, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि क्या चैतरभाई किसी ड्रग्स या हत्या के मामले में पकड़े गए थे? चैतरभाई को या तो आप भाजपा में शामिल करना चाहते थे और जब ऐसा नहीं हुआ तो उनकी आवाज दबाने के लिए यह षड्यंत्र रचा गया है।

वास्तव में यहां के जंगलों की कीमती जमीनों पर बड़ी-बड़ी प्राइवेट कंपनियों को लाने की भाजपा की बड़ी साजिश है। कंपनियां इन जंगलों की जमीन पर नजर गड़ाए बैठी हैं और चैतर वसावा उनकी आंख की किरकिरी की तरह चुभते थे, क्योंकि वे आदिवासियों को जागरूक कर रहे थे। इस अन्याय के खिलाफ आदिवासी समाज में भारी रोष है और इसी कारण कल डेडियापाड़ा में चार राज्यों (गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र) के सभी आदिवासी संगठनों का एक विराट महासम्मेलन होने जा रहा है। चैतरभाई वसावा आम आदमी पार्टी के विधायक हैं और रहेंगे, भाजपा चाहे उन्हें हटाने के सपने देखे। हम इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट गए हैं और हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। कल के कार्यक्रम में 1 लाख से अधिक आदिवासी युवा, महिलाएं और बुजुर्ग चैतरभाई के समर्थन में उमड़ेंगे। ‘आप’ के सभी शीर्ष नेता मनोजभाई सोरठिया, गोपालभाई इटालिया और निरंजनभाई सहित पूरी टीम वहां मौजूद रहेगी। मैं सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और जनता से इस सम्मेलन में आने का आह्वान करता हूं। अगर आज हम एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएंगे, तो भाजपा भविष्य में भी आवाज उठाने वाले हर आदिवासी युवा पर झूठे केस करके उसे जेल में डाल देगी। जो समाज अंग्रेजों के सामने भी नहीं झुका, वह आदिवासी समाज भाजपा की कठपुतली कभी नहीं बनेगा और न ही उससे डरेगा। मैं भाजपा के सभी आदिवासी विधायकों और सांसदों से भी कहना चाहता हूं कि आपके लिए समाज के साथ खड़े होने का यह आखिरी मौका है। चैतर वसावा जैसे आदिवासी रत्न को कुचलने की कोशिश की जा रही है, ऐसे में आप भी पद और भाजपा छोड़कर कल की रैली में शामिल हों। डेडियापाड़ा से प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को संदेश देना चाहते हैं कि आदिवासी लोग डरने वाले नहीं हैं। मैं भाजपा के सांसद मनसुखभाई वसावा से कहना चाहता हूं कि आदिवासी समाज ने आपको 35-35 वर्षों से सांसद बनाया है, लेकिन आपने कभी समाज की चिंता नहीं की। आदिवासियों का सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है।

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इसुदान गढ़वी ने आगे कहा कि जब चैतरभाई ने करोड़ों का घोटाला पकड़ा तब मनसुखभाई क्यों मौन थे? आदिवासियों की ग्रांट खा ली जाती है और प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में खर्च कर दी जाती है, तब आप क्यों नहीं बोलते? मनसुखभाई, अगर आप सच में समाज के हैं तो इस्तीफा देकर चैतरभाई के समर्थन में आइए, 1 लाख आदिवासी आपका सम्मान करेंगे। लेकिन आप ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि आप भाजपा के इशारे पर नाचने वाली कठपुतली हैं। वनकर्मियों और पुलिस ने जो केस किया है, वह पूरी तरह झूठा और दबाव में कराया गया है। आदिवासी समाज चैतरभाई के साथ है, इसलिए भाजपा कानूनी बिंदुओं का सहारा लेकर समाज में फूट डालना चाहती है, लेकिन कोई भ्रमित न हो। जिस तरह छत्तीसगढ़ और झारखंड में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके जंगलों को अडानी को सौंप दिया गया, उसी तरह का प्लान यहां गुजरात में अडानी को घुसाने के लिए बनाया जा रहा है। चैतरभाई स्वयं और हमारी वकीलों की टीम इस केस पर लगातार काम कर रही है। स्वयं अरविंद केजरीवाल जी दिल्ली से पूरी कानूनी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मुझ पर और मनोजभाई सहित हमारे सभी नेताओं पर केस किए गए हैं, लेकिन हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि ऊपरी अदालत (हाईकोर्ट) चैतर वसावा को स्टे देगी और वे विधायक पद पर कायम रहेंगे।

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