डर और धमकियों के बीच अपना धर्म निभाने वाले पत्रकारों को सुरक्षा और मान्यता देना आवश्यक: इसुदान गढ़वी
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि ‘भारतीय पत्रकार संरक्षण समिति’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में उपस्थित होकर उन्होंने अपने विचार रखे। उन्होंने पत्रकारों की तुलना देश के सैनिकों से करते हुए कहा कि जिस प्रकार सेना के जवान बिना किसी स्वार्थ के देश की सीमाओं और सुरक्षा के लिए लड़ते हैं, उसी प्रकार पत्रकार भी समाज में फैले भ्रष्टाचार, गुंडा तत्वों, भ्रष्ट राजनेताओं और अधिकारियों के खिलाफ अपने पत्रकारिता धर्म का निर्वहन करते हुए निडरता से लड़ते हैं। इस सत्य को उजागर करने की प्रक्रिया में बार-बार पत्रकारों पर झूठे मुकदमे किए जाते हैं, उन्हें डराया जाता है, धमकियां दी जाती हैं और कई बार तो पत्रकारों की हत्या भी कर दी जाती है।
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इसुदान गढ़वी ने अपने 16 वर्षों के पत्रकारिता के व्यक्तिगत अनुभव को याद करते हुए आगे कहा कि सामान्यतः पत्रकार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होते। जब किसी रिपोर्टर या ब्यूरो चीफ का निधन होता है, तब उनके परिवार के पास अगले दो महीने तक घर चलाने के लिए भी पर्याप्त धन नहीं होता। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सरकार के समक्ष मांग रखी है कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, यूट्यूब या सोशल मीडिया से जुड़े सभी पत्रकारों को उचित सरकारी मान्यता दी जाए। साथ ही पत्रकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने तथा ड्यूटी के दौरान किसी पत्रकार की मृत्यु होने पर उनके परिवार को आजीवन सम्मानजनक आर्थिक पैकेज प्रदान किया जाए, ऐसी उन्होंने कड़ी मांग की है।