Wednesday, July 29, 2026

प्रवीण राम: सरकार की अक्षमता के कारण बारिश में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई

by Neha
प्रवीण राम: सरकार की अक्षमता के कारण बारिश में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई

पंजाब की AAP सरकार ने प्रति हेक्टेयर ₹50,000 का मुआवजा दिया, तो गुजरात सरकार क्यों नहीं दे सकती?: प्रवीण राम

आम आदमी पार्टी के प्रदेश फ्रंटल अध्यक्ष और किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण राम, प्रदेश उपाध्यक्ष राम धडुक तथा प्रदेश संगठन मंत्री एवं ‘AAP’ कॉर्पोरेटर धर्मेश भंडेरी ने सूरत में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ‘AAP’ नेता प्रवीण राम ने कहा कि दक्षिण गुजरात में सूरत, वलसाड और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ की अत्यंत भयावह स्थिति उत्पन्न हुई है। प्री-मानसून कार्यवाही केवल कागजों पर होने तथा सरकार की विफलता और अक्षमता के कारण 50 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जो अत्यंत गंभीर बात है। वलसाड की यात्रा के दौरान उन्होंने गीताबेन नामक एक गरीब महिला की आपबीती बताई, जिन्होंने इस बाढ़ में अपने 35 वर्षीय इकलौते कमाने वाले बेटे को खो दिया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि मुख्यमंत्री वास्तव में मृदुभाषी और संवेदनशील हैं, तो उन्होंने या भाजपा के किसी नेता ने अभी तक इन पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना क्यों नहीं दी?

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बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान के संबंध में ‘AAP’ नेताओं ने मांग की कि सरकार तत्काल सभी प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराए। घरों, दुकानों, फैक्ट्रियों और खेती में हुए नुकसान के लिए उचित सहायता दी जाए तथा पंजाब की ‘AAP’ सरकार की तरह प्रति हेक्टेयर ₹50,000 का मुआवजा घोषित किया जाए। इसके अतिरिक्त, मृतकों के परिवारों को तत्काल ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। उन्होंने ‘कैश डोल’ की नकद व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि डिजिटल युग में बिचौलियों और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए सहायता राशि सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में जमा की जानी चाहिए। यदि एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री पीड़ितों से मुलाकात नहीं करते और सहायता की घोषणा नहीं करते, तो आम आदमी पार्टी आने वाले दिनों में गांधीवादी मार्ग पर आंदोलन करेगी।

सूरत में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह आपदा प्राकृतिक नहीं बल्कि 100% मानव निर्मित है। प्रशासन और अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए खाड़ियों से उचित दूरी बनाए बिना मनमाने ढंग से निर्माण की मंजूरियां दी हैं। पानी निकासी के प्राकृतिक मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। खाड़ी के पानी को डायवर्ट करने और स्थायी निकासी के लिए ‘AAP’ कॉर्पोरेटर धर्मेश भंडेरी द्वारा प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को लिखित सुझाव दिए गए हैं। प्री-मानसून कार्यवाही और सफाई के नाम पर केवल बिल बनाकर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया जाता है, जिसके कारण आज व्यापारियों, किसानों और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि प्रशासन स्थायी समाधान के लिए कड़े कदम नहीं उठाएगा, तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी।

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