हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गहन जांच का दिया भरोसा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस को अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। सीएम ने कहा कि चाहे अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में दिवंगत आईपीएस अधिकारी के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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IPS वाई पूरन कुमार की मौत की पृष्ठभूमि
2001 बैच के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास में मृत पाए गए थे। उनके शरीर पर गोली के निशान मिले थे और कथित तौर पर उन्होंने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी थी।
डीजीपी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर समेत 10 अन्य अधिकारियों के खिलाफ आईपीएस अधिकारी की आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में FIR दर्ज की है। यह एफआईआर कुमार की पत्नी, आईएएस अमनीत पी कुमार और परिवार की शिकायत पर दर्ज हुई थी।
सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
पुलिस को मृतक का आठ पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने कई उच्च अधिकारियों के नाम लेकर जाति-आधारित भेदभाव और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस नोट ने मामले की संवेदनशीलता और जांच की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है।