Delhi government ने नियमों में बड़े बदलाव किए, महिलाओं को नाइट शिफ्ट की मिली सशर्त अनुमति
राजधानी दिल्ली में अब महिलाएं रात्रिकालीन शिफ्ट में कार्य कर सकेंगी, बशर्ते उनकी स्पष्ट सहमति हो और उनके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। यह कदम ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ और ‘मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम गवर्नमेंट’ की दिशा में उठाए गए व्यापक सुधारों का हिस्सा है।
सरकार ने औद्योगिक विवाद अधिनियम में संशोधन कर फैक्ट्री बंद करने की सीमा को 100 से बढ़ाकर 200 कर्मचारियों तक कर दिया है। यानी अब 200 से कम स्टाफ होने पर मालिक बिना अनुमति फैक्ट्री बंद कर सकते हैं।
इसके अलावा अग्निशमन एनओसी के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट को अनुमति देने, छोटे प्रतिष्ठानों को छूट देने, और दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन कर न्यूनतम कर्मचारी सीमा 1 से बढ़ाकर 10 करने जैसे बदलाव प्रस्तावित हैं।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि अगले छह महीनों में ये सभी सुधार लागू कर दिए जाएं। साथ ही, डीपीसीसी को ग्रीन व व्हाइट कैटेगरी उद्योगों के लिए सेल्फ-सर्टिफिकेशन और 20 दिनों की तय समयसीमा में अनुमति देने का निर्देश भी दिया गया है।
राजस्व विभाग से भूमि से जुड़े पुराने कानूनों की समीक्षा और आईटी विभाग को एनओसी की एकीकृत व्यवस्था के लिए सिंगल विंडो पोर्टल बनाने को कहा गया है। उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की निगरानी में इन सभी सुधारों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।