इस वक्त इंग्लैंड दौरे पर बतौर टेस्ट कप्तान अपनी पहली परीक्षा में खरे उतरते नजर आ रहे Shubman Gill सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि अपनी कमाई के मामले में भी रिकॉर्ड बना रहे हैं। बात केवल यह नहीं है कि उन्हें एक टेस्ट मैच खेलने के कितने पैसे मिलते हैं, बल्कि असल मुद्दा यह है कि बीते पांच वर्षों में उनकी टेस्ट मैच फीस में 300 प्रतिशत तक का इजाफा कैसे हुआ।
पहले क्या थी गिल की फीस?
Shubman Gill ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण 2020 में किया था। उस समय प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों को प्रति टेस्ट मैच 15 लाख रुपये मिलते थे। यह आंकड़ा 2024 की शुरुआत तक बरकरार रहा।
फिर कैसे हुआ इतना बड़ा इजाफा?
मार्च 2024 में BCCI ने “टेस्ट क्रिकेट इन्सेन्टिव स्कीम” लागू की, जिसके तहत खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन और नियमितता के आधार पर ज्यादा फीस मिलने लगी।
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75% या उससे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों को अब 45 लाख रुपये प्रति मैच मिलते हैं।
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50% से ज्यादा टेस्ट खेलने पर यह राशि 30 लाख रुपये तय की गई है।
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50% से कम मैच खेलने वालों को यह अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा।
गिल को कैसे मिला पूरा लाभ?
अब जब Shubman Gill टीम के कप्तान हैं और लगभग हर टेस्ट में खेलते हैं, तो वे इस स्कीम का पूरा लाभ उठा रहे हैं। नतीजतन, उनकी फीस 15 लाख से बढ़कर 45 लाख रुपये प्रति टेस्ट हो गई है — यानी 300% की बढ़ोतरी।
इस तरह, गिल न केवल मैदान पर बल्कि वित्तीय रूप से भी भारतीय क्रिकेट में नई ऊंचाइयों को छूते दिख रहे हैं।