Heat Cramps Symptoms and Causes: गर्मी के मौसम में शरीर पर तेज धूप, उमस और ज्यादा पसीने का असर साफ दिखाई देता है। ऐसे में कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह स्थिति आगे चलकर हीट क्रैम्प्स यानी गर्मी के कारण होने वाली मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन में बदल सकती है। यह समस्या खासकर उन लोगों में अधिक देखने को मिलती है जो धूप में काम करते हैं, अधिक शारीरिक मेहनत करते हैं या पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते।
हीट क्रैम्प्स क्या होते हैं
हीट क्रैम्प्स मांसपेशियों में होने वाली दर्दनाक ऐंठन होती है, जो शरीर के ज्यादा गर्म हो जाने और पानी के साथ-साथ जरूरी मिनरल्स यानी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण होती है। यह समस्या आमतौर पर पैरों, हाथों, पेट या पीठ की मांसपेशियों में होती है। जब शरीर में पसीने के जरिए सोडियम, पोटैशियम और अन्य खनिजों की कमी हो जाती है, तो मांसपेशियां सही तरीके से काम नहीं कर पातीं और उनमें दर्द या अकड़न शुरू हो जाती है।
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गर्मियों में हीट क्रैम्प्स क्यों बढ़ते हैं
गर्मी के मौसम में शरीर से अधिक पसीना निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी हो जाती है। इसके कारण शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रह पाता और मांसपेशियों पर असर पड़ता है। इसके अलावा इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी इसका एक बड़ा कारण है, क्योंकि पसीने के साथ जरूरी मिनरल्स शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
धूप में ज्यादा शारीरिक काम करना, एक्सरसाइज करना या लंबे समय तक गर्म और बंद जगहों पर रहना भी हीट क्रैम्प्स की संभावना को बढ़ाता है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस समस्या से ज्यादा प्रभावित होते हैं क्योंकि उनका शरीर तापमान को जल्दी नियंत्रित नहीं कर पाता।
हीट क्रैम्प्स के लक्षण
इस स्थिति में मांसपेशियों में अचानक तेज दर्द या ऐंठन महसूस होती है। कई बार शरीर में झटके या खिंचाव भी होता है। इसके साथ अत्यधिक पसीना आना, त्वचा का लाल और नम होना, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
हीट क्रैम्प्स से बचाव और देखभाल
यदि किसी को हीट क्रैम्प्स की समस्या हो, तो तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए और शरीर को आराम देना चाहिए। ठंडा पानी पीना, गीले कपड़े से शरीर को ठंडा करना और पंखे या एसी के पास बैठना मददगार होता है।
शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए नारियल पानी, ORS और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। प्रभावित मांसपेशियों को धीरे-धीरे स्ट्रेच करना और हल्की मालिश करना भी राहत देता है।