हरियाणा सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लाएगी। पंचायत भूमि पर 800 एकड़ जमीन जैविक खेती के लिए दी जाएगी और किसानों को 10,000 रुपये प्रति एकड़ वार्षिक सहायता मिलेगी।
हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष नीति तैयार की जाएगी। इस नीति का उद्देश्य किसानों को रसायन-मुक्त और टिकाऊ खेती की ओर प्रोत्साहित करना है।
राज्य सरकार के अनुसार, पंचायत के स्वामित्व वाली भूमि पर प्राकृतिक और जैविक खेती को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले वर्ष लागू होने वाली इस योजना के तहत कृषि विभाग के स्वामित्व वाली लगभग 800 एकड़ भूमि केवल उन्हीं किसानों को पट्टे पर दी जाएगी, जो कम से कम 10 वर्षों तक जैविक खेती करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।
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जैविक किसानों को मिलेगा आर्थिक सहयोग
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए APEDA से प्रमाणित किसानों को विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके तहत योग्य किसानों को 5 वर्षों तक प्रति वर्ष 10,000 रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
पंचायती भूमि पर प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बनाई जाएगी विशेष नीति!
“पंचायत के स्वामित्व वाली भूमियों पर प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए अगले वर्ष एक विशेष नीति बनाई जाएगी। कृषि विभाग के स्वामित्व वाली लगभग 800 एकड़ भूमि केवल उन्हीं किसानों को पट्टे…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 8, 2026
प्रमाणन व्यवस्था को किया जाएगा मजबूत
जैविक खेती के प्रमाणीकरण के लिए हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी को मान्यता प्राप्त संस्था के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे किसानों को प्रमाणन प्रक्रिया में आसानी और पारदर्शिता मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को पर्यावरण-अनुकूल बनाना और किसानों को लंबे समय तक स्थिर आय उपलब्ध कराना है।