हरियाणा में योग और आयुष सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। 6,500 गांवों में व्यायामशालाएं, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और योग सहायकों की नियुक्ति से ‘स्वस्थ हरियाणा’ मिशन को नई गति मिल रही है।
हरियाणा सरकार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में “स्वस्थ हरियाणा” अभियान को मजबूती मिल रही है, जिसके तहत योग, आयुष और ग्रामीण स्वास्थ्य अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
6,500 गांवों में व्यायामशालाओं का लक्ष्य
राज्य सरकार ने हरियाणा के लगभग 6,500 गांवों में व्यायामशालाएं स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और आम नागरिकों को स्वास्थ्य, फिटनेस और शारीरिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अब तक 883 व्यायामशालाओं का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जिससे ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता में बढ़ोतरी हुई है।
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योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 859 योग सहायकों की नियुक्ति
योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए सरकार ने 859 आयुष योग सहायकों की नियुक्ति की है। ये प्रशिक्षित योग सहायक गांवों और शहरों में लोगों को नियमित योग अभ्यास, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे योग को जन-आंदोलन के रूप में विकसित करने में मदद मिल रही है।
योग और आयुष सेवाओं के विस्तार से स्वस्थ हरियाणा की दिशा में बढ़ते कदम!
“राज्य के 6,500 गांवों में व्यायामशालाएं स्थापित करने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। अब तक 883 व्यायामशालाओं का निर्माण पूरा हो चुका है तथा 859 आयुष योग सहायकों की नियुक्ति की गई है। प्रदेश के 397 आयुष… pic.twitter.com/oczEMb0Wks
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 6, 2026
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
प्रदेश में आयुष चिकित्सा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 397 आयुष औषधालयों और 109 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड कर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में परिवर्तित किया गया है। इन केंद्रों पर 156 योग प्रशिक्षकों की तैनाती की गई है, जिससे नागरिकों को एक ही स्थान पर आयुष चिकित्सा और योग दोनों सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
सरकार की इन पहलों का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना भी है। योग और आयुष आधारित उपचार पद्धतियों के माध्यम से बुजुर्गों को न केवल रोगों से राहत मिल रही है, बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है।