हरियाणा की प्राकृतिक खेती योजना में लाखों किसानों का पंजीकरण, हजारों एकड़ में खेती व प्रशिक्षण केंद्रों से किसानों को मिल रहा बड़ा लाभ।
हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को तेजी से बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य में वर्ष 2022 में शुरू की गई प्राकृतिक खेती योजना अब व्यापक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।
लाखों किसानों ने कराया पंजीकरण
सरकारी पहल के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जिस पर अब तक करीब 2 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है। इन किसानों ने लगभग 3 लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के लिए दर्ज किया है। यह दर्शाता है कि राज्य में पारंपरिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।
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हजारों एकड़ भूमि का हुआ सत्यापन
योजना के अंतर्गत अब तक 23,930 किसानों के लगभग 44 हजार एकड़ क्षेत्र का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। सरकार इस प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ा रही है ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सके।
2025-26 में बढ़ा प्राकृतिक खेती का दायरा
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हरियाणा में लगभग 20,727 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की गई है। यह आंकड़ा राज्य में प्राकृतिक खेती के विस्तार और किसानों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
हरियाणा सरकार किसानों को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को निरंतर बढ़ावा दे रही है। वर्ष 2022 में शुरू की गई प्राकृतिक खेती योजना के तहत राज्य में एक विशेष पोर्टल भी शुरू किया गया, जिस पर लगभग 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है। इनमें से 23,930…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 22, 2026
प्रशिक्षण केंद्रों से किसानों को मिल रहा लाभ
किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक और लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए सरकार ने कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों में अब तक 12,000 से अधिक किसानों और प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
सरकार का लक्ष्य
राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचाकर प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना है। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि उत्पादन लागत भी कम होती है और किसानों की आय में सुधार होता है।
हरियाणा सरकार आने वाले वर्षों में इस योजना को और अधिक विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है, ताकि राज्य को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में एक अग्रणी मॉडल राज्य बनाया जा सके।