हरियाणा में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। यह योजना बिजली बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी।
हरियाणा सरकार राज्य के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
सौर ऊर्जा से पूरी होगी बिजली जरूरत
इस योजना के तहत अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की बिजली आवश्यकताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा किया जाएगा। सोलर पैनलों से उत्पन्न बिजली का उपयोग सीधे संस्थानों में किया जाएगा, जिससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी।
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नेट मीटरिंग से जुड़ेगा सिस्टम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सोलर पावर प्लांट्स को नेट मीटरिंग प्रणाली के माध्यम से बिजली ग्रिड से जोड़ा जाएगा। इससे अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकेगी, जिससे न केवल ऊर्जा का सही उपयोग होगा बल्कि राज्य को अतिरिक्त बिजली उत्पादन का लाभ भी मिलेगा।
सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों की छतों पर लगेंगे सोलर पैनल!
प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे ताकि संबंधित अस्पताल की बिजली जरूरतें इसी से पूरी हो सकें। इन सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड से जोड़ा जाएगा ताकि…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 22, 2026
ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
यह पहल ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करेगी, क्योंकि सौर ऊर्जा स्वच्छ और हरित ऊर्जा का स्रोत है।
बिजली खर्च में आएगी कमी
सरकारी संस्थानों में सोलर पैनल लगाने से बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ घटेगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
सरकार का मानना है कि यह कदम हरियाणा को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे ले जाएगा और राज्य के सरकारी ढांचे को अधिक आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाएगा।