हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली में हरियाणा-यूरोपीय व्यापार संघ की बैठक को संबोधित करते हुए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते का लाभ उठाने और राज्य में यूरोपीय संघ कार्य समूह की स्थापना की घोषणा की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली में आयोजित हरियाणा-यूरोपीय व्यापार संघ की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) राज्य के लिए नए व्यापार अवसरों के द्वार खोलता है। उन्होंने राज्य के उद्यमियों, किसानों और युवाओं से इस समझौते का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। बैठक में मुख्यमंत्री ने हरियाणा-यूरोपीय संघ कार्य समूह की स्थापना की भी घोषणा की।
भारत-ईयू सहयोग: व्यापार से परे रणनीतिक साझेदारी
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ता आर्थिक और रणनीतिक सहयोग सिर्फ व्यापार समझौता नहीं है। यह साझा विश्वास, साझेदारी और भविष्य का पुल है। उन्होंने जोर दिया कि यूरोपीय संघ, जो 27 देशों से मिलकर बना है, उच्च गुणवत्ता मानकों और मजबूत क्रय शक्ति वाला विशाल बाजार है। इस समझौते से हरियाणा और भारत के उत्पादों के लिए यूरोप के दरवाजे पूरी तरह खुल गए हैं।
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गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
सैनी ने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि भारत-ईयू समझौता आईटी सेवाओं, डेटा साइंस, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों में भारतीय विशेषज्ञता की मांग को बढ़ाएगा। इससे लाखों उच्च-कुशल रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने किसानों के लिए भी इस समझौते को आशा की नई किरण बताया, क्योंकि अब हरियाणा के फल, सब्जियां और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद सीधे प्रमुख यूरोपीय बाजारों में पहुंच सकेंगे।
निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा निवेशकों के लिए सुलभ और पारदर्शी वातावरण प्रदान करता है। राज्य सरकार ने एकल खिड़की निकासी प्रणाली, आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और श्रम कानून सुधार जैसे कदम उठाकर व्यापार में सुगमता सुनिश्चित की है। उन्होंने निवेशकों को हरियाणा आने, निवेश करने और साझा सफलता में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया।
भरोसा, सम्मान और वैश्विक सहभागिता
सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गरिमा, आपसी सम्मान और भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते का सही लाभ उठाकर हरियाणा को वैश्विक व्यापार और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।