Haryana Energy Minister :विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने आज चंडीगढ़ में पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्युत मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लिया। केन्द्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में विद्युत मंत्री ने राज्य से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आग्रह किया कि संयुक्त उद्यम के तहत छाबड़ा और कालीसिंध में 3200 मेगावाट के ताप संयंत्र स्थापित करने की अनुमति दी जानी चाहिए, जबकि कोयला स्रोतों से दूरी 1000 किलोमीटर से अधिक होने पर पिट हेड पर ताप संयंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
श्री नागर ने प्रस्तावित 1000 मेगावाट की बैटरी भंडारण परियोजना के अलावा 5000 मेगावाट की बैटरी भंडारण योजना के लिए भी केंद्रीय सहायता मांगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक लगभग 90 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। राज्य की अधिकतम मांग 2028-29 तक 26.5 गीगावॉट तक पहुंचने की उम्मीद है। इस अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए 18.5 गीगावॉट क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है। यह प्रति वर्ष 5000 मेगावाट की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली क्षमता जोड़कर हासिल किया जा सकता है। ऐसे में भारत सरकार को हर साल 5000 मेगावाट भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए राज्य को वीजीएफ सहायता प्रदान करनी चाहिए ताकि बैटरी ऊर्जा भंडारण से संबंधित राज्य के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।
केन्द्रीय विद्युत मंत्री ने विद्युत मंत्री द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने का आश्वासन दिया। हरियाणा के बिजली मंत्री श्री अनिल विज, उत्तर प्रदेश के बिजली मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा, दिल्ली सरकार के बिजली मंत्री श्री आशीष सूद, पंजाब सरकार के बिजली मंत्री श्री हरभजन सिंह ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। अंतर-राज्यीय पारेषण परियोजनाएं, साइबर सुरक्षा पहलू, बिजली की ग्रीष्मकालीन मांग का बेहतर प्रबंधन, बिजली वितरण निगमों की वित्तीय स्थिति में सुधार आदि।