हरियाणा सरकार ने नूह, रेवाड़ी, हिसार, जींद, रोहतक और चरखी दादरी के सिविल अस्पतालों में पीपीपी मोड के तहत एमआरआई स्कैन और सीटी स्कैन सेवाओं की मंजूरी दी। यह पहल राज्य में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेगी।
हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को उन्नत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में आयोजित विशेष उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एसएचपीपीसी) की बैठक में इस दिशा में कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में मंडी खेड़ा (नूह) और रेवाड़ी के सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन सेवाओं को किराए पर लेने की मंजूरी दी गई। इसके साथ ही नूह, रेवाड़ी, हिसार, जींद, रोहतक और चरखी दादरी के सिविल अस्पतालों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत एमआरआई स्कैन सेवाओं की शुरुआत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। यह पहल राज्य के लोगों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण नैदानिक इमेजिंग सुविधाएँ प्रदान करने के लिए एक बड़ा कदम है।
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बैठक में कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम और जींद के जिला सिविल अस्पतालों में मशीनीकृत और स्वचालित सफाई सेवाओं को लागू करने की भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य अस्पतालों में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना और मरीजों के लिए बेहतर समग्र स्वास्थ्य अनुभव प्रदान करना है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए और कार्यान्वयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जाए।
यह पहल हरियाणा के सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पीपीपी मोड के तहत एमआरआई और सीटी स्कैन सेवाओं के शुरू होने से मरीजों को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
हरियाणा सरकार की यह रणनीति राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने के लिए महत्वपूण प्रयासों का हिस्सा है।