हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) इंडिया रीजन जोन-2 सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में जागरूक समाज तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लोकतंत्र की मजबूती का आधार है जागरूक समाज
अपने संबोधन में हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि एक जागरूक और जिम्मेदार समाज मजबूत लोकतंत्र की नींव रखता है। जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग होते हैं, तब लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनती हैं।
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जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं को देते हैं दिशा
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल जनता का प्रतिनिधित्व करना नहीं है, बल्कि समाज की अपेक्षाओं और जरूरतों को नीतियों तथा जनकल्याणकारी निर्णयों का स्वरूप देना भी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं।
विकसित भारत-2047 के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार होगा जब समाज और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास, सुशासन और सामाजिक प्रगति के लिए सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने राष्ट्रमंडल संसदीय संघ इंडिया रीजन जोन-2 सम्मेलन को संबोधित किया।
“भविष्य की चुनौतियों से निपटने और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक जागरूक समाज जहां… pic.twitter.com/ZCe9DcvwQQ
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 8, 2026
संसदीय संस्थाओं की भूमिका पर दिया जोर
हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि संसदीय संस्थाएं लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। ऐसे सम्मेलन जनप्रतिनिधियों को अनुभव साझा करने, नई चुनौतियों पर चर्चा करने और बेहतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में समाज और शासन दोनों को नई चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। जागरूक नागरिक और जिम्मेदार नेतृत्व ही देश को विकास के नए आयामों तक पहुंचा सकते हैं।