Monday, July 27, 2026

Grahan 2026: अगस्त में पड़ेंगे दो ग्रहण, जानें सूर्य और चंद्र ग्रहण का ज्योतिषीय महत्व और संकेत

by Neha
Grahan 2026: अगस्त में पड़ेंगे दो ग्रहण, जानें सूर्य और चंद्र ग्रहण का ज्योतिषीय महत्व और संकेत

Grahan 2026: अगस्त में 15 दिन के अंदर लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण। जानें ग्रहण की तारीख, समय, ज्योतिष महत्व और इससे जुड़े संकेत।

Grahan 2026: साल 2026 का अगस्त महीना खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस महीने में सिर्फ 15-16 दिनों के अंतराल में दो बड़े ग्रहण पड़ेंगे। पहला सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा, जबकि दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को होगा। सावन महीने में पड़ने वाले इन दोनों ग्रहणों को लेकर ज्योतिष जगत में काफी चर्चा हो रही है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब एक ही पक्ष या कम समय अंतराल में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों लगते हैं, तो इसे विशेष घटना माना जाता है। ज्योतिष में इसे केवल खगोलीय घटना नहीं बल्कि प्रकृति, समाज और मानव जीवन से जुड़े संभावित बदलावों के संकेत के रूप में भी देखा जाता है।

अगस्त 2026 में कब लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण?

पंचांग के अनुसार अगस्त 2026 में लगने वाला सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण 12 अगस्त 2026 को पड़ेगा। वहीं इसके कुछ दिनों बाद 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण लगेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार दोनों ग्रहणों के बीच करीब 16 दिनों का अंतर रहेगा। यह अवधि ग्रहण काल के रूप में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सूर्य ग्रहण 2026 का समय

भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 की रात 11 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।ज्योतिषीय गणना के मुताबिक यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने वाला है।

चंद्र ग्रहण 2026 का समय

28 अगस्त 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समय के अनुसार सुबह 6 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में पड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से इनके प्रभावों की चर्चा की जा रही है।

also read: कांवड़ यात्रा 2026: 30 जुलाई से शुरू होगी कांवड़ यात्रा, जानें तारीख, जलाभिषेक का समय और जरूरी नियम

15 दिन में दो ग्रहण का ज्योतिष महत्व

वैदिक ज्योतिष में जब सूर्य और चंद्र ग्रहण एक ही ग्रहण काल में पड़ते हैं, तो इसे ग्रहण योग या एक्लिप्स सीजन कहा जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसी स्थिति को महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों में ग्रहणों के प्रभावों का विस्तार से वर्णन मिलता है। मान्यताओं के अनुसार एक ही पक्ष में दो ग्रहण होने पर कई तरह के बदलावों के संकेत माने जाते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार:

  • मौसम में अचानक बदलाव और प्राकृतिक घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है।
  • शासन और प्रशासन के सामने नई चुनौतियां आ सकती हैं।
  • राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।
  • सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े मामलों में हलचल बढ़ सकती है।
  • समाज और जनजीवन में बड़े बदलावों के संकेत माने जाते हैं।

हालांकि ये सभी बातें ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जिसका पृथ्वी और अंतरिक्ष की स्थिति के आधार पर अध्ययन किया जाता है।

पुराणों में ग्रहण की मान्यता क्या है?

भारतीय परंपरा में ग्रहण का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। ऋग्वेद के एक सूक्त में स्वर्भानु नामक असुर द्वारा सूर्य को ढकने की कथा का वर्णन मिलता है। बाद में पुराणों में ग्रहण को राहु और केतु की कथा से जोड़ा गया।

पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान राहु ने अमृत पीने का प्रयास किया था। भगवान विष्णु ने उसका सिर अलग कर दिया, जिसके बाद राहु और केतु का जन्म हुआ। मान्यता है कि राहु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रसने का प्रयास करता है, जिसे ग्रहण कहा जाता है।

क्या 2026 के ग्रहण का कोई विशेष प्रभाव होगा?

ज्योतिष के अनुसार ग्रहण का प्रभाव उसकी राशि, नक्षत्र, समय और अन्य ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए अलग-अलग ज्योतिष विशेषज्ञ इसके अलग-अलग अर्थ निकाल सकते हैं। वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण प्राकृतिक खगोलीय घटनाएं हैं, जिनका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अलग-अलग समाजों में देखने को मिलता है।

You may also like

वायरल हुआ अनुराग का वीडियो, पत्नी पर लगाए एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप ‘मेरा कुत्ता आ जाता…’ पति से मुलाकात के बाद आकांक्षा चमोला के बयान पर मचा बवाल क्या खत्म होने वाली है 20 साल की शादी? 3 बेटियों के पिता करणवीर बोहरा ने तलाक की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी ‘मेरे पापा भी ऐसा नहीं करते’… राम कपूर पर श्रेया कालरा का फूटा गुस्सा ‘अगर ये सच बतातीं तो बिग बॉस नहीं जीततीं’ – हिना खान का बड़ा दावा