Friday, August 14, 2026

गोपाल इटालिया ने सौराष्ट्र घरखेड गणोत अधिनियम संशोधन बिल पर दिए आपत्तिजनक सुझाव, सरकार ने किया खारिज

by Neha
गोपाल इटालिया ने सौराष्ट्र घरखेड गणोत अधिनियम संशोधन बिल पर दिए आपत्तिजनक सुझाव, सरकार ने किया खारिज

विधानसभा सत्र में गोपाल इटालिया ने सौराष्ट्र घरखेड गणोत अधिनियम संशोधन बिल पर उठाए गंभीर सवाल, फर्जी किसानों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, लेकिन सरकार ने सुझाव खारिज किए।

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने विधानसभा परिसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सौराष्ट्र घरखेड गणोत अधिनियम में संशोधन करने वाला बिल पेश किया गया। यह बिल सदन में पारित हुआ और यह बिल अत्यंत महत्वपूर्ण था। मेरे विसावदर क्षेत्र में 90% लोग खेती से जुड़े हुए हैं और खेती करने वाले लोगों के साथ अन्याय न हो, इसके लिए मैंने इस बिल में एक संशोधन सुझाया था। पहले कानून के बारे में कहूं तो इस कानून में 1948 से तय है कि गैर किसान व्यक्ति कृषि भूमि नहीं खरीद सकता। लेकिन गुजरात में कुछ लोगों ने अपनी दो नंबर की काली कमाई को छिपाने के लिए किसान न होते हुए भी गलत तरीके से किसान खातेदार बनकर कृषि भूमि खरीदी है और इस तरह काले धन से कृषि भूमि खरीदने के कारण खेती का सट्टा शुरू हो गया है। कृषि भूमि से किसानों का हक छिन जाए, इस प्रकार की गतिविधियां पूरे गुजरात में हो रही हैं। सरकार ने इस बिल में घोषित किया कि जो भी फर्जी किसान व्यक्ति गलत तरीके से जमीन खरीदेगा, उससे जंत्री मूल्य का तीन गुना जुर्माना वसूला जाएगा। तो मैंने इस बिल में कुछ संशोधन सुझाए। यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से कृषि भूमि खरीदता है तो जुर्माने के साथ-साथ फर्जी किसान को असली किसान बनाने वाले अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए और उसे सजा मिलनी चाहिए। दुख की बात है कि सरकार ने मेरा संशोधन स्वीकार नहीं किया। कोई भी गैर किसान व्यक्ति तभी किसान खातेदार बन सकता है जब किसी सरकारी कर्मचारी के हस्ताक्षर हों, तो यह काम करने वाले सरकारी व्यक्ति को सजा क्यों न दी जाए?

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आगे विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि मैंने दूसरा संशोधन सुझाया कि आप जुर्माना तो ले लेंगे, लेकिन जो व्यक्ति किसान नहीं है, उसे भविष्य में कभी भी किसान खातेदार न बनने देने का नियम बनाया जाए। इस प्रकार मैंने विपक्ष के नेता के रूप में अपना विरोध दर्ज कराया और संशोधन प्रस्तुत किए। लेकिन दुख के साथ कहना पड़ता है कि गुजरात में किसान विरोधी मानसिकता रखने वाली बहुमत वाली सरकार ने किसानों, खेत मजदूरों और गणोतियाओं को नुकसान पहुंचाने वाला बिल बहुमत के बल पर विधानसभा में पारित कर दिया है। इसके कारण आने वाले समय में संभव है कि गणोतियाओं, खेत मजदूरों और कृषि भूमि धारकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़े। सत्र अभी जारी है, इसलिए हम आशा करते हैं कि सरकार के मन में किसानों के प्रति संवेदना जागे तो वह दोबारा ऐसा संशोधन विधेयक लेकर आए और इन गलत कार्यों को दंडित करने वाला विधेयक प्रस्तुत करे।

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