Tuesday, July 21, 2026

गोपाल इटालिया: ट्रांसमिशन लाइन मुद्दे पर कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा में क्या किया?

by Neha
गोपाल इटालिया: ट्रांसमिशन लाइन मुद्दे पर कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा में क्या किया?

निजी ट्रांसमिशन कंपनियों और ‘किराए की पुलिस’ का मुद्दा विधानसभा में सबसे पहले मैंने उठाया : गोपाल इटालिया

आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि गुजरात के किसानों का ज्वलंत मुद्दा यानी पुलिस के सहारे निजी कंपनियों द्वारा दबंगई से बिजली ट्रांसमिशन लाइनों के खंभे लगाने की सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ किसानों द्वारा किसान ट्रैक्टर यात्रा का आयोजन किया गया है। फरवरी महीने में आयोजित बजट सत्र के दौरान मैंने तीन अलग-अलग तरीकों से यह मुद्दा उठाया था। एक बार तारांकित प्रश्न, एक बार प्रस्ताव और एक बार प्राइवेट मेंबर बिल के माध्यम से निजी बिजली कंपनियों की दबंगई के खिलाफ किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया था। पिछले कई दिनों से गुजरात के विभिन्न जिलों में किसानों के खेतों में जबरदस्ती खंभे लगाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सुरेंद्रनगर जिले के कोंढ गांव में किसानों और बुजुर्गों के साथ हुई चर्चा में किसानों ने स्वेच्छा से किसान ट्रैक्टर यात्रा के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का निर्णय लिया था। मोरबी जिले के जेतपर गांव में भी किसानों के ट्रैक्टर यात्रा से जुड़ने की चर्चा हुई थी। इसके बाद इसुदान गढ़वी और हम सभी ने स्पष्ट कहा था कि किसानों के मुद्दे पर हमारा पूरा समर्थन है। हम कोई पक्षीय या राजनीतिक बात नहीं कर रहे, बल्कि किसानों के प्रतिनिधि और शुभचिंतक के रूप में किसानों के मुद्दे उठा रहे हैं।

also read: मनोज सोरठिया: किसानों की ट्रैक्टर रैली में आम आदमी पार्टी…

गोपाल इटालिया ने आगे कहा कि जब हमने किसान ट्रैक्टर यात्रा को समर्थन देने की घोषणा की, तब कांग्रेस के कुछ मित्रों ने हमारी कड़ी आलोचना की। यदि कांग्रेस के मित्र यह नहीं चाहते कि हम किसानों के मुद्दे पर सहयोग करें, तब भी हमें कोई आपत्ति नहीं है। किसानों का मुद्दा अन्य विवादों में न बदल जाए और मूल प्रश्न से ध्यान न हटे, इसलिए मैंने किसान ट्रैक्टर यात्रा में शामिल न होने का निर्णय लिया है। लेकिन कांग्रेस के मित्रों से मेरा केवल एक सवाल है कि फरवरी के बजट सत्र में आपकी पार्टी के कितने विधायकों ने ट्रांसमिशन लाइन का मुद्दा उठाया था? तारांकित प्रश्न, अतारांकित प्रश्न, अल्पकालिक प्रश्न, काम रोको प्रस्ताव या किसी अन्य प्रक्रिया के माध्यम से इस मुद्दे पर क्या प्रस्तुति दी गई थी? यदि कांग्रेस किसानों की इतनी चिंता करने वाली पार्टी है तो उसका रिकॉर्ड सार्वजनिक करना चाहिए। गुजरात के इतिहास में पहली बार निजी ट्रांसमिशन कंपनियां पुलिस को किराए पर रखकर किसानों के खेतों में प्रवेश कर रही हैं और इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने वाले व्यक्ति के रूप में मैंने इस सच्चाई को उजागर करने का काम किया है। विसावदर के किसानों ने मुझे विधानसभा में भेजा है और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना मेरा कर्तव्य है। आज पूरा गुजरात जानता है कि निजी बिजली कंपनियों के लिए आने वाली पुलिस किराए की पुलिस है। मुझे किसी से विवाद नहीं करना है, लेकिन किसानों का मुद्दा किनारे रह जाए और टीवी पर केवल राजनीतिक विवाद की चर्चा हो, ऐसा न हो, इसलिए मैं इस निर्णय पर पहुंचा हूं।

गोपाल इटालिया ने आगे कहा कि किसानों के मुद्दे पर मेरी स्पष्ट मांग है कि केवल मुआवजा देने की नहीं, बल्कि मुआवजे के लिए कानून में संशोधन करने या नया कानून बनाने की जरूरत है। वर्तमान मुआवजा केवल परिपत्र आधारित है, जबकि परिपत्र कानून नहीं होता। कानून विधानसभा या संसद में पारित होता है और उसके अमल के लिए अदालत में जाया जा सकता है। फरवरी के बजट सत्र में मैंने काम रोको प्रस्ताव और प्राइवेट मेंबर बिल के माध्यम से मांग की थी कि बिजली कंपनियां खंभे लगाने से पहले किसानों को आपत्ति आवेदन करने का अधिकार दिया जाए, आपत्ति की सुनवाई पूरी होने तक कंपनियां खेत में प्रवेश न करें, भूमि अधिग्रहण और मुआवजा कानून के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जाए, खंभों के कारण जमीन की कीमत में होने वाली कमी का भी भुगतान किया जाए और भविष्य में निर्माण या अन्य उपयोग के लिए सीमित हो जाने वाली जमीन का भी बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा दिया जाए। ये सभी मांगें मैंने विधानसभा में रखी हैं और किसानों के मुद्दे पर हमारा पूरा समर्थन है। कोई भी पार्टी यदि किसानों के लिए लड़ रही हो तो उसे हमारा समर्थन है। किसानों का प्रश्न किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि पूरे गुजरात के किसानों का प्रश्न है। मैं भविष्य में भी विधानसभा में किसानों के मुद्दे उठाता रहूंगा और गुजरात के सभी किसानों, किसान पुत्रों तथा किसान समर्थकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

You may also like

‘मेरे पापा भी ऐसा नहीं करते’… राम कपूर पर श्रेया कालरा का फूटा गुस्सा ‘अगर ये सच बतातीं तो बिग बॉस नहीं जीततीं’ – हिना खान का बड़ा दावा क्या हिंदू लड़की मुस्लिम दोस्त नहीं बना सकती? सैफी संग रिश्ते का बताया सच ‘शादी से पहले मैं प्लेबॉय था’, राम कपूर ने खोले अपनी डेटिंग लाइफ के कई राज ‘लॉक अप 2’ में बवाल: आकांक्षा चमोला का श्रेया कालरा पर फूटा गुस्सा, बोलीं- “बहुत बुरी इंसान हो, ईविल पर्सन”