Saturday, May 9, 2026

गंगासागर तीर्थ का महत्व: क्यों कहा जाता है ‘सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार’?

by Neha
गंगासागर तीर्थ का महत्व: क्यों कहा जाता है ‘सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार’?

गंगासागर का धार्मिक महत्व जानें – क्यों कहा जाता है “सारे तीर्थ बार-बार, गंगासागर एक बार”? पौराणिक कथा, मकर संक्रांति स्नान और मोक्ष से जुड़ी पूरी जानकारी पढ़ें।

भारत में धार्मिक आस्था और तीर्थ यात्राओं की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन कुछ तीर्थ ऐसे हैं जिन्हें विशेष और दुर्लभ माना जाता है। गंगासागर उन्हीं पवित्र स्थलों में से एक है, जिसके लिए कहा जाता है— “सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार।” यह कहावत इस तीर्थ के अद्वितीय महत्व को दर्शाती है।

गंगासागर कहां स्थित है?

गंगासागर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित एक पवित्र द्वीप है, जिसे सागर द्वीप के नाम से भी जाना जाता है। यह वह स्थान है जहां गंगा नदी का संगम बंगाल की खाड़ी से होता है। इस संगम को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहां स्थित कपिल मुनि मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

पौराणिक कथा से जुड़ा महत्व

गंगासागर का महत्व प्राचीन पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है। मान्यता के अनुसार, राजा सगर ने अश्वमेध यज्ञ किया था। यज्ञ का घोड़ा देवराज इंद्र द्वारा कपिल मुनि के आश्रम में छिपा दिया गया था। जब राजा सगर के पुत्र घोड़े की तलाश में वहां पहुंचे, तो उन्होंने कपिल मुनि का अपमान कर दिया। इससे क्रोधित होकर मुनि ने अपने तप के प्रभाव से सभी पुत्रों को भस्म कर दिया।

also read: वट सावित्री व्रत 2026: वट सावित्री व्रत की तारीख, मुहूर्त…

इसके बाद राजा सगर के वंशज भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की मुक्ति के लिए कठोर तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं और उनके जल के स्पर्श से सगर के पुत्रों को मोक्ष प्राप्त हुआ।

मकर संक्रांति पर विशेष महत्व

गंगासागर में हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल मेला आयोजित होता है। इस दिन लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर पवित्र स्नान करते हैं और अपने पितरों के लिए तर्पण करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन यहां स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

क्यों खास है गंगासागर यात्रा?

गंगासागर तीर्थ को अन्य तीर्थों से अलग इसलिए माना जाता है क्योंकि यहां गंगा और समुद्र का संगम होता है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि पौराणिक इतिहास और परंपराओं का भी प्रतीक है।

You may also like

रीवा अरोड़ा के घर हंगामा, पुलिस तक पहुंचा मामला – गलत व्यवहार… बेटे की कब्र पर रो पड़ीं एक्ट्रेस, एक्स-हसबैंड पर लगाए गंभीर आरोप कैंसर से लड़ रही दीपिका, क्या बंद होगा YouTube चैनल? शोएब ने बताई पूरी सच्चाई सोने की साड़ी, मां की जूलरी वाला डायमंड ब्लाउज और मैंगो स्कल्पचर के साथ छाईं ईशा अंबानी जल्दी ही शादी करने जा रही हैं हुमा कुरैशी? रचित सिंह संग रिश्ते पर बड़ा अपडेट