साल 2025 में देशभर में दिवाली का पर्व 20 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया गया था, जिसमें लक्ष्मी-गणेश पूजा, दीप जलाने और आतिशबाजी के साथ पूरे देश में उत्सव का माहौल देखने को मिला। लेकिन आने वाले साल 2026 में दिवाली की तारीख में बदलाव देखने को मिलेगा और यह त्योहार अक्टूबर की बजाय नवंबर में मनाया जाएगा।
दिवाली 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, दिवाली हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। हालांकि ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से साल 2026 में यह पावन पर्व 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस बार दिवाली पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 18 दिन देरी से पड़ेगी।
दिवाली के बाद आने वाले अन्य प्रमुख त्योहार जैसे छठ पूजा भी इसी तरह आगे खिसक जाएंगे और 14–15 नवंबर 2026 के आसपास मनाए जाएंगे।
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2026 में दिवाली नवंबर में क्यों?
हिंदू पंचांग के अनुसार हर कुछ वर्षों में अधिकमास या पुरुषोत्तम मास आता है, जिससे कैलेंडर में संतुलन बना रहता है। वर्ष 2026 में भी अधिकमास पड़ रहा है, जो 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा।
इस अतिरिक्त महीने के कारण जून के बाद आने वाले सभी त्योहारों की तारीखें आगे बढ़ जाती हैं। इसी वजह से दिवाली, नवरात्रि, रक्षाबंधन, तीज और छठ पूजा जैसे प्रमुख पर्व इस बार देरी से मनाए जाएंगे।
2026 की दिवाली पर कैसा रहेगा मौसम?
मौसम के लिहाज से भी 2026 की दिवाली खास रहने वाली है, क्योंकि यह नवंबर में मनाई जाएगी जब सर्दी की शुरुआत हो जाती है। ऐसे में इस बार लोगों को ठंड के मौसम में दीपोत्सव मनाने का अनुभव मिलेगा।
ज्योतिषीय दृष्टि से भी शुभ माना जा रहा है 2026 का दीपोत्सव
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 2026 की दिवाली का समय ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से भी अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस दौरान सूर्य, शनि और बृहस्पति की विशेष स्थिति कई लोगों के लिए सकारात्मक फल देने वाली मानी जा रही है।