गंगा दशहरा 2026 25 मई को मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व है। जानें शुभ मुहूर्त, तिथि और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी।
गंगा दशहरा 2026: गंगा दशहरा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जिसे मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ अवसर 25 मई (सोमवार) को मनाया जाएगा। यह पर्व ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को आता है और इसे पुण्यदायी माना जाता है।
गंगा दशहरा 2026 की तिथि और समय
दशमी तिथि प्रारंभ: 25 मई 2026, सुबह 4:30 बजे
दशमी तिथि समाप्त: 26 मई 2026, सुबह 5:10 बजे
उदयातिथि के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व 25 मई को ही मनाया जाएगा।
स्नान और पूजा का शुभ मुहूर्त
गंगा दशहरा पर गंगा स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:34 से 5:18 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 से 1:02 तक
इस दिन सुबह स्नान के बाद पूजा और दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व
मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह दिन मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है। गंगा सप्तमी को जहां उनके प्राकट्य का दिन माना जाता है, वहीं गंगा दशहरा को उनके अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
गंगा दशहरा पर दान का महत्व
इस दिन दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है। श्रद्धालु निम्न चीजों का दान कर सकते हैं:
- अन्न और धन का दान
- वस्त्र और जरूरतमंदों की सहायता
- ब्राह्मणों को दक्षिणा और सामग्री
- सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार सामग्री
- पशु-पक्षियों के लिए भोजन और जल
मां गंगा के पवित्र मंत्र
गंगा दशहरा के दिन इन मंत्रों का जप विशेष फलदायी माना जाता है:
ॐ नमो भगवति गंगे नमः
ॐ भागीरथ्यै विद्महे विष्णुपत्न्यै धीमहि
ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नमः
गंगा गंगेति यो ब्रूयात्…
गंगा को भागीरथी क्यों कहा जाता है?
पौराणिक कथा के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुईं। इसी कारण उन्हें भागीरथी भी कहा जाता है।