Saturday, August 15, 2026

दिल्ली में नए बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, 46 टन प्रतिदिन क्षमता की तैयारी

by ekta
दिल्ली में नए बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, 46 टन प्रतिदिन क्षमता की तैयारी

दिल्ली सरकार नए बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट (CBWTF) स्थापित करने जा रही है। 46 टन प्रतिदिन क्षमता वाले ये आधुनिक संयंत्र राजधानी में कचरे का सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित करेंगे।

दिल्ली सरकार ने बायोमेडिकल कचरे के बढ़ते दबाव को देखते हुए नए कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) स्थापित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह परियोजना राजधानी में पर्यावरणीय ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से तेज गति से आगे बढ़ रही है।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर परियोजना की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैठक में राजधानी में उत्पन्न बायोमेडिकल कचरे की वर्तमान स्थिति, भविष्य की अनुमानित वृद्धि, तकनीकी मानक और क्रियान्वयन की रूपरेखा पर विस्तृत समीक्षा की गई।

दिल्ली में प्रतिदिन 40 टन बायोमेडिकल कचरा उत्पन्न

राजधानी के पूर्व, उत्तर, पश्चिम, दक्षिण और मध्य क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग 40 टन बायोमेडिकल कचरा उत्पन्न हो रहा है। अस्पतालों, क्लीनिक और लैब्स की बढ़ती संख्या के कारण यह आंकड़ा आने वाले समय में और बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि नई सुविधाएं न बनाई गईं तो मौजूदा संयंत्रों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

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46 टन प्रतिदिन क्षमता वाले आधुनिक संयंत्र

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित नए CBWTF की क्षमता 46 टन प्रतिदिन तय की गई है, जो लगभग 2,300 किलोग्राम प्रति घंटे के बराबर है। संयंत्र प्रतिदिन 20 घंटे संचालित किए जाएंगे, जिससे अधिकतम दक्षता सुनिश्चित होगी। पहले केवल दो संयंत्र पूरे दिल्ली को कवर कर रहे थे, जिससे कार्यभार अधिक था। नए संयंत्रों से क्षेत्रवार बेहतर प्रबंधन संभव होगा।

अत्याधुनिक तकनीक से सुरक्षित निपटान

नई सुविधा में ऑटोक्लेविंग, श्रेडिंग और सुरक्षित लैंडफिल जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग होगा। पूर्व, उत्तर-पूर्व, शाहदरा, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और मध्य क्षेत्रों के लिए अलग-अलग संयंत्र प्रस्तावित हैं, जिससे कचरे के परिवहन समय और जोखिम दोनों कम होंगे।

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और पारदर्शिता

मंत्री सिरसा ने कहा कि सरकार केवल उन्हीं कंपनियों को अवसर देगी जो पर्यावरणीय मानकों और तकनीकी मानकों का पालन करें। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। परियोजना में डिजिटल मॉनिटरिंग डैशबोर्ड भी स्थापित किया जाएगा, जिससे कचरे की मात्रा, निपटान प्रक्रिया और संयंत्र संचालन पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

दिल्ली सरकार का मानना है कि स्वच्छ और स्वस्थ दिल्ली के लिए मजबूत कचरा प्रबंधन अत्यंत जरूरी है। नए बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

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