Friday, August 14, 2026

दीपावली से पहले यूपी के 18 मंडलों में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित, मुख्यमंत्री योगी ने किया बड़ा ऐलान

by Neha
दीपावली से पहले यूपी के 18 मंडलों में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित, मुख्यमंत्री योगी ने किया बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले यूपी के सभी 18 मंडलों में अत्याधुनिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का ऐलान किया है। जानें इस फैसले का उद्देश्य, सुविधाएं और सरकार की दिव्यांगजन सशक्तिकरण नीति।

यूपी में दीपावली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के 18 मंडलों में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने सभी मंडल मुख्यालयों पर अत्याधुनिक पुनर्वास केंद्र बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि दिव्यांगजनों को चिकित्सकीय, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावसायिक सहायता एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सके। यह पहल योगी सरकार की दिव्यांगों के प्रति ‘सेवा, संवेदना और सम्मान’ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से वंचित न रहे और वे आत्मनिर्भर बनें। जिन जिलों में पहले से दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालित हैं, उन्हें और सशक्त कर मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, जहां केंद्र नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर जिला अस्पताल या सरकारी अस्पताल परिसर में नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यदि अस्पताल परिसर में जगह उपलब्ध न हो, तो केंद्र के लिए अलग भवन की व्यवस्था की जाएगी।

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इन केंद्रों में फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, ऑर्थोटिक एवं प्रॉस्थेटिक सेवाएं, और उपकरण वितरण जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही प्रत्येक केंद्र में प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट, क्लिनिकल साइकॉलजिस्ट, प्रॉस्थेटिस्ट, ऑर्थोटिस्ट, स्पीच थैरेपिस्ट और काउंसलर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।

प्रदेश के वर्तमान में 37 जिलों में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें 11 मंडल मुख्यालयों पर केंद्र मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों में तकनीकी संसाधन और विशेषज्ञ मानवबल को मजबूत करने पर भी जोर दिया। साथ ही डिजिटल पंजीकरण, ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम और तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि सेवाओं की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजन केवल सहानुभूति के पात्र न बनें, बल्कि वे समाज के आत्मनिर्भर और योगदानकारी नागरिक बनें। इस महत्वपूर्ण बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्य मंत्री नरेन्द्र कुमार कश्यप समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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