Sunday, September 6, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से उत्तर प्रदेश के किसानों की आय में वृद्धि, डिजिटल कृषि से आर्थिक क्रांति

by Neha
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से उत्तर प्रदेश के किसानों की आय में वृद्धि, डिजिटल कृषि से आर्थिक क्रांति

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल कृषि नीतियों से किसानों की आय में वृद्धि, कृषि मंडियों का डिजिटलीकरण, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट से अन्नदाताओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार अन्नदाताओं की समृद्धि और कृषि क्षेत्र में आर्थिक विकास के लिए डिजिटल कृषि नीति को तेजी से लागू कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से किसानों को बीज, उर्वरक, मौसम, सिंचाई, बीमा, बाजार, लॉजिस्टिक और फसल से जुड़ी पूरी जानकारी एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो रही है। इससे किसान अपने उत्पादन और बिक्री निर्णय बेहतर तरीके से ले पा रहे हैं।

डिजिटल कृषि नीति से अन्नदाता की आय में वृद्धि

योगी सरकार ने डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम पर जोर दिया है। किसानों को आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों से जोड़ते हुए 4000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लागू की जा रही हैं। इससे किसानों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है और वे आर्थिक क्रांति के ध्वजवाहक बन रहे हैं। ई-मार्केट लिंकिंग, वेयरहाउसिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट उन्मुख नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं।

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कृषि मंडियों का डिजिटलीकरण और पारदर्शिता

पहले यूपी की कृषि मंडियां पारंपरिक ढर्रे पर चलती थीं, जिससे किसानों और खरीदारों के बीच पारदर्शिता की कमी थी। अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मंडियों का डिजिटलीकरण किया गया है। इससे किसानों को फसल और मौसम की सटीक जानकारी मिलती है, बिचौलियों का असर कम होता है और किसान को उचित मूल्य प्राप्त होता है।

कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग में सुधार

2017 से पहले उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज की संख्या सीमित थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से प्रदेश में लगभग 2500 कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 1.55 करोड़ मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। वर्तमान सरकार इन स्टोरेज का आधुनिकीकरण कर रही है और इसे किसानों की आय से जोड़ रही है। पीपीपी मॉडल के माध्यम से और नए कोल्ड स्टोरेज विकसित किए जा रहे हैं।

कृषि प्रसंस्करण से वैल्यू एडिशन और नई मार्केटिंग

कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा साधन बन गया है। छोटे गांवों में भी एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट, फूड पार्क और ODOP आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 75 हजार खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां हैं और 428 नई इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। सरकार हर जिले में हजारों इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखती है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिले और स्थानीय रोजगार भी बढ़े।

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