उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों को समयबद्ध भुगतान दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो चीनी मिलें भुगतान में देरी करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, कमांड एरिया का निर्धारण अब मिलों द्वारा किए गए भुगतान के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में गन्ना विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। बैठक में गन्ना मूल्य भुगतान, उत्पादन, आधारभूत ढांचे, रोजगार और भावी योजनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को बेहतर बीज समय पर उपलब्ध हो, इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों, गन्ना समितियों और मिलों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। फील्ड विजिट और किसान संवाद को भी आवश्यक बताया गया।
गन्ना समितियों को किया जाएगा सशक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना समितियों की भूमिका को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने सहकारी और फेडरेशन की चीनी मिलों की समीक्षा के निर्देश दिए और कार्यदिवसों की संख्या बढ़ाकर 155 करने की जरूरत बताई।
भुगतान के रिकॉर्ड में सुधार
मुख्यमंत्री को बताया गया कि मौजूदा कार्यकाल में अब तक ₹2.85 लाख करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान हो चुका है, जो 1995-2017 के मुकाबले ₹72,474 करोड़ अधिक है। वर्ष 2024-25 के लक्ष्य का लगभग 84% भुगतान 2 मई तक पूरा किया जा चुका है। उन्होंने भुगतान प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
गन्ना उत्पादन में बड़ी वृद्धि
गन्ना क्षेत्रफल 2016-17 के 20.54 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 29.51 लाख हेक्टेयर हो गया है, और उत्पादकता 72.38 से बढ़कर 84.10 टन प्रति हेक्टेयर हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुनियोजित प्रयासों से गन्ने का उत्पादन और उत्पादकता दोगुनी की जा सकती है।
एथेनॉल उत्पादन में नया रिकॉर्ड
प्रदेश में 122 चीनी मिलों, हजारों इकाइयों और करीब 10 लाख लोगों को रोजगार देने वाली इकाइयों का विवरण भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2023-24 में 102 डिस्टिलरियों से 150.39 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ है। साथ ही 6,771 करोड़ रुपये के निवेश से 105 करोड़ लीटर अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जा रही है। उन्होंने इसे किसानों की आय और ऊर्जा सुरक्षा दोनों के लिए अहम बताया और जल्द से जल्द ईंधन मिश्रण कार्यक्रम लागू करने के निर्देश दिए।