CM Yogi Adityanath ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीडी रेशियो को 67 से 70 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखते हुए प्रयास किए जाने चाहिए।
CM Yogi Adityanath ने अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में ‘ऋण जमा अनुपात’ (सीडी रेशियो) और ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीडी रेशियो को 67 से 70 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा जाए।
CM Yogi Adityanath ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के युवा विजन और इनोवेशन के साथ आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं। राज्य सरकार इस योजना के तहत बैंकों के सहयोग से युवाओं को पूंजी उपलब्ध करा रही है, जिससे वे ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ के विकास में योगदान दे सकें। अभियान से जुड़े युवाओं को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश की विशाल युवा आबादी को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह अभियान 24 जनवरी 2025 को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर शुरू किया गया था। इसके तहत एक साल में कम से कम एक लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उत्पाद व सेवा क्षेत्र में एक लाख नई इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य है। पहले चरण में प्रत्येक लाभार्थी को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में यह राशि 10 लाख रुपये होगी। अब तक लगभग ढाई लाख युवाओं ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 93 हजार से अधिक आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं। बैंकों ने 9013 युवाओं को 348 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं।
CM Yogi Adityanath ने बैंकों से अभियान के तहत ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए और प्रत्येक जिले में बैंक शाखाओं के लक्ष्यों को स्पष्ट करने को कहा। परंपरागत कार्यों से जुड़े युवाओं को प्राथमिकता देने और विभिन्न सेक्टरों में ऋण उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया। ऋण वितरण को सुचारू बनाने के लिए सभी 18 मंडलों में कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यह ऋण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बैंकों के व्यवसाय को बढ़ाने में सहायक होगा।
इसके अलावा, CM Yogi Adityanath ने निर्देश दिया कि युवाओं को उन्हीं क्षेत्रों में ऋण मिले, जिनमें उन्होंने प्रशिक्षण लिया है। ऋण आवेदन से पहले स्क्रीनिंग प्रक्रिया अपनाने और युवाओं को मार्केटिंग, डिजाइनिंग, पैकेजिंग और तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया। योजना में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांगजनों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए।
CM Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश को एक बड़े बाजार के रूप में बताते हुए कहा कि यहां व्यापार और निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘एक जनपद-एक उत्पाद योजना’, ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’, ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’, और ‘पीएम स्वनिधि योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से हस्तशिल्पियों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को बढ़ावा दे रही है। एमएसएमई सेक्टर ने प्रदेश के निर्यात में अहम भूमिका निभाई है, जिससे मुरादाबाद, भदोही, मीरजापुर, वाराणसी और फिरोजाबाद जैसे जिलों से हजारों करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है।
CM Yogi Adityanath ने निर्देश दिया कि मार्च-अप्रैल में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाए, विशेष रूप से उन 20-25 जिलों में जहां सीडी रेशियो अपेक्षाकृत कम है। मेलों में विभिन्न कंपनियों को शामिल कर चयनित युवाओं को रोजगार प्रमाण पत्र वितरित किए जाएं। बैंकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि गांवों में बैंकिंग सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हों और ‘बीसी सखी’ को उनका कमीशन समय पर मिले।
प्रयागराज महाकुंभ-2025 में बैंकिंग सेक्टर के योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न बैंकों ने मेला क्षेत्र में शाखाएं, एटीएम, मोबाइल एटीएम और क्वाइन वेंडिंग मशीनें स्थापित की हैं, जिससे श्रद्धालुओं को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक हर 2-3 माह में और जिला स्तरीय बैठकें प्रतिमाह आयोजित की जाएं।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि प्रदेश का कुल बैंकिंग व्यवसाय मार्च 2017 में 12.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर दिसंबर 2024 में 29.67 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी अवधि में ऋण वितरण 4.05 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 11.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे सीडी रेशियो में 13.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारी और बैंकर्स कमेटी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।