CM Rekha Gupta के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने यमुना को स्वच्छ बनाने, नालों की सफाई और राजधानी में पीने के पानी की आपूर्ति को बेहतर करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब दिल्ली जल बोर्ड को करोड़ों की परियोजनाओं पर स्वयं निर्णय लेने की स्वायत्तता मिल गई है। इस नई व्यवस्था के तहत, अब परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
CM Rekha Gupta ने बताया कि जल बोर्ड के वित्तीय अधिकारों में भारी बढ़ोतरी की गई है। बोर्ड के अध्यक्ष को 50 करोड़, सीईओ को 25 करोड़ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी क्रमशः वित्तीय अधिकार सौंपे गए हैं। इससे योजनाओं में देरी कम होगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी।
CM Rekha Gupta ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा जल बोर्ड की शक्तियां सीमित कर दी गई थीं, जिससे यमुना की सफाई और जल आपूर्ति की योजनाएं ठप हो गई थीं। लेकिन अब जल बोर्ड को सही मायनों में सक्षम और स्वायत्त बनाया गया है।
सरकार का यह फैसला ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य पारदर्शी, उत्तरदायी और परिणाम-प्रधान प्रशासन सुनिश्चित करना है। अब STP और डीसिल्टिंग प्लांट्स की स्थापना, नई पाइपलाइन बिछाने और बूस्टिंग स्टेशनों के निर्माण जैसे कार्य तेजी से पूरे किए जाएंगे। इससे जनता को जल्द राहत मिलेगी और यमुना को निर्मल बनाने का सपना साकार हो सकेगा