CM Rekha Gupta : AAP की शराब नीति से ₹2000 करोड़ का नुकसान, हंगामे के चलते 21 AAP विधायक निलंबित।

CM Rekha Gupta : AAP की शराब नीति से ₹2000 करोड़ का नुकसान, हंगामे के चलते 21 AAP विधायक निलंबित।

दिल्ली विधानसभा के दूसरे दिन मंगलवार को शराब नीति पर CAG रिपोर्ट पेश की गई, जिसे CM Rekha Gupta ने सदन में रखा। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इस रिपोर्ट को रोककर रखा था और इसे सदन में प्रस्तुत नहीं किया, जिससे संविधान का उल्लंघन हुआ।

रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि नई शराब नीति के कारण दिल्ली सरकार को 2002 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। नीति में खामियां थीं और लाइसेंस प्रक्रिया में गड़बड़ियां पाई गईं। विशेषज्ञ पैनल ने सुधार के सुझाव दिए थे, लेकिन तत्कालीन डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इन्हें नजरअंदाज कर दिया।

इससे पहले, सदन में विपक्षी पार्टी AAP ने मुख्यमंत्री आवास में भगत सिंह और अंबेडकर की तस्वीरों को हटाने के मुद्दे पर हंगामा किया। LG वीके सक्सेना के भाषण के दौरान AAP विधायकों ने “मोदी-मोदी” के नारे लगाए, जिसके चलते नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत 21 AAP विधायकों को 3 मार्च तक निलंबित कर दिया गया।

सदन से बाहर आने के बाद आतिशी ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री आवास से भगत सिंह और अंबेडकर की तस्वीरें क्यों हटाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी, बाबा साहेब अंबेडकर से भी बड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि AAP सरकार के दौरान हर सरकारी दफ्तर में भगत सिंह और अंबेडकर की तस्वीरें लगवाई गई थीं।

CAG रिपोर्ट पर विपक्ष की नेता आतिशी के 3 बयान

दिल्ली विधानसभा में आबकारी ऑडिट रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें 2017-21 की पुरानी आबकारी नीति और एक अध्याय नई नीति पर केंद्रित था। विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले ही पुरानी नीति की खामियों और भ्रष्टाचार को उजागर कर चुकी थी, जिसमें हरियाणा और यूपी से अवैध रूप से शराब लाई जाती थी। CAG रिपोर्ट वही बातें दोहरा रही है, जो AAP सरकार ने पहले कही थीं—कि पुरानी नीति के कारण दिल्ली को नुकसान हुआ। ऐसे में इसे हटाने का निर्णय बिल्कुल सही था।

रिपोर्ट के आठवें अध्याय में कहा गया कि नई नीति अधिक पारदर्शी थी और इसमें कालाबाजारी रोकने के उपाय थे। जब यह नीति पंजाब में लागू हुई, तो वहां के आबकारी राजस्व में 65% की वृद्धि हुई। अगर दिल्ली में यह नीति सुचारू रूप से लागू होती, तो एक साल में ही राजस्व 4,108 करोड़ से बढ़कर 8,911 करोड़ हो सकता था, लेकिन इसे लागू न करने के कारण सरकार को 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आतिशी ने आरोप लगाया कि इस नीति को लागू होने से रोकने के लिए तीन लोग जिम्मेदार हैं—दिल्ली के LG, CBI और ED। उन्होंने मांग की कि इस रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज कर जांच और कार्रवाई की जाए।

आतिशी ने कहा कि CAG रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि शराब की बिक्री में भारी भ्रष्टाचार था। रिपोर्ट के अनुसार, 28% से अधिक भ्रष्टाचार शराब ठेकेदारों द्वारा किया जा रहा था, जिससे दलालों को फायदा मिल रहा था। ठेकेदारों ने लागत मूल्य की गलत गणना करके मुनाफा कमाया और शराब की कालाबाजारी हो रही थी। सभी को पता था कि शराब के ठेके किन राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के पास थे।

विधानसभा सत्र दो दिन बढ़ा
दिल्ली सरकार ने विधानसभा सत्र को दो और दिनों के लिए बढ़ा दिया है, जिससे अब यह 28 फरवरी और 1 मार्च तक चलेगा। पहले सत्र 24, 25 और 27 फरवरी तक ही निर्धारित था,

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