मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “उत्तराखंड का नवीन राजनीतिक इतिहास” पुस्तक का विमोचन किया, भावुक होकर दी नई पीढ़ी को सीख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “उत्तराखंड का नवीन राजनीतिक इतिहास” पुस्तक का विमोचन किया, भावुक होकर दी नई पीढ़ी को सीख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने पुस्तकों और स्थानीय भाषाओं के संरक्षण पर जोर दिया और नई पीढ़ी को ज्ञान से जोड़ने की अपील की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार और लेखक जय सिंह रावत की नई पुस्तक “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” का विमोचन किया। इस अवसर पर सीएम धामी ने कहा कि पूर्वजों ने कठिन परिस्थितियों में हमारे रीति-रिवाजों और भाषाई धरोहर को संरक्षित किया, इसलिए नई पीढ़ी तक इसे पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि चाहे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, ज्ञान, विचार और समझ की गहराई के लिए पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि कार्यक्रमों में “बुके नहीं, बुक दीजिए”, ताकि पढ़ने की संस्कृति बढ़े और लेखकों को प्रोत्साहन मिले।

स्थानीय भाषाओं और संस्कृति का संरक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए मातृभाषाओं को मजबूत करना आवश्यक है और लोगों से अनुरोध किया कि घर और विद्यालयों में अपनी बोली का अधिक से अधिक उपयोग करें। सरकार स्थानीय भाषाओं में लेखन, शोध, गीत-संग्रह और डिजिटल कंटेंट तैयार करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नई पहलें शुरू कर रही है।

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पुस्तक का महत्व और शोधपरक दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पुस्तक राज्य स्थापना से अब तक की राजनीतिक और प्रशासनिक यात्रा का उत्कृष्ट तथ्यपरक और शोधपरक संकलन है। उन्होंने इसे शोधार्थियों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

भाषा, संस्कृति और विरासत की सुरक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोर देकर कहा कि भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान और विरासत की नींव है। उन्होंने बताया कि सरकार स्थानीय भाषाओं के डिजिटलाइजेशन पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि सांस्कृतिक खजाना सुरक्षित रहे और युवा पीढ़ी तक आसानी से पहुँच सके।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियां

पुस्तक विमोचन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक बृज भूषण गैरोला, कई पत्रकार, लेखक और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

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