उत्तराखंड में बढ़ते मानव-भालू संघर्ष को लेकर सरकार सतर्क, CM पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल ने वन विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाएगी और स्थानीय लोगों को जागरूक किया जाएगा।
उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में हाल के दिनों में मानव-भालू संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। चमोली और आसपास के क्षेत्रों में भालू और गुलदार द्वारा जानलेवा हमलों ने स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस गंभीर स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और वन विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
वन मंत्री की बैठक और अधिकारियों को दिए निर्देश
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने वरिष्ठ वन अधिकारियों के साथ बैठक कर हाल की घटनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में यह भी कहा गया कि प्रभागीय वनाधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करना चाहिए और उन्हें भालू और गुलदार से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना चाहिए।
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सतर्कता और निगरानी बढ़ाने के कदम
मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, वन कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी के लिए ड्रोन, कैमरा ट्रैप और अन्य उपकरणों का प्रयोग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, जनता को वन्यजीवों की आवाजाही और संभावित खतरे की जानकारी देने के लिए Integrated हेल्पलाइन 1926 का प्रचार किया जाएगा।
अनुग्रह राशि और वित्तीय सहायता
यदि कोई दुर्भाग्यवश मानव हानि की घटना घटित होती है, तो प्रभागीय वनाधिकारी तुरंत घटना स्थल पर जाकर प्रभावित परिवार से मिलेंगे और नियमानुसार अनुग्रह राशि उपलब्ध कराएंगे। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग को ₹50 लाख की धनराशि तात्कालिक रूप से आवंटित की गई है, जिससे आवश्यक उपकरण खरीदे जा सकें और निगरानी प्रभावी बनाई जा सके।
सरकार की प्रतिक्रिया और प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल दोनों ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा है। मानव-वन्यजीव संघर्ष की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार पूरी तरह सजग है और इस स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।