CM Bhajan Lal Sharma ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता की कमी और प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने में सर्कुलर इकॉनमी एक प्रभावी समाधान है। इस प्रणाली के तहत अपशिष्ट का पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग किया जाता है, जिससे ऊर्जा की खपत कम होती है और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार भी इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है और इस मिशन में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
CM Bhajan Lal सोमवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 12वें क्षेत्रीय थ्री आर और सर्कुलर इकॉनमी फोरम समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में एक पर्यावरण प्रबंधन केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे कचरा प्रबंधन और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इसके अलावा, ट्रीटेड वॉटर के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई नीति तैयार की जा रही है। साथ ही, मुख्यमंत्री सद्भावना केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को अनुपयोगी वस्तुओं के दान और पुन: उपयोग की सुविधा दी जा रही है।
कचरा प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की योजना
CM Bhajan Lal ने बताया कि राजस्थान में कचरा प्रसंस्करण क्षमता को वर्तमान 21 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 45 लाख मीट्रिक टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं के तहत कंपोस्ट, आरडीएफ और जैविक उर्वरक उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में एमआरएफ प्लांट्स के माध्यम से प्लास्टिक और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग किया जा रहा है, जिससे ई-वेस्ट, बैटरी वेस्ट और खतरनाक कचरे का उचित निपटान संभव हो सके।
प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन चिंता का विषय
CM Bhajan Lal ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग में करीब 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा 106 बिलियन टन तक पहुंच चुका है। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 90 प्रतिशत से अधिक संसाधन बेकार हो जाते हैं, जबकि केवल 8.6 प्रतिशत संसाधन ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में वापस लौट पाते हैं। इस वजह से जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता की हानि और प्रदूषण जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
केंद्र सरकार का सर्कुलर इकॉनमी रोडमैप
CM Bhajan Lal ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में सबसे बड़े अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता अभियान चलाए गए हैं। इसके अलावा, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट, इलेक्ट्रॉनिक कचरा, सौर पैनल और कृषि अपशिष्ट सहित 11 प्रमुख क्षेत्रों के लिए सर्कुलर इकॉनमी रोडमैप तैयार किया गया है।
राजस्थान की ग्रीन टेक्नोलॉजी और सतत विकास की पहल
CM Bhajan Lal ने कहा कि राजस्थान सतत विकास और ग्रीन टेक्नोलॉजी को अपनाने में भी अग्रणी राज्य है। यह देश का पहला राज्य है जिसने ग्रीन बजट पेश किया है, जिसमें 27,854 करोड़ रुपये की राशि ग्रीन परियोजनाओं के लिए आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि 250 करोड़ रुपये के निवेश से सर्कुलर इकॉनमी पार्क और हरित तकनीक विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार जल्द ही सर्कुलर इकॉनमी इंसेंटिव स्कीम लागू करेगी, जिसके तहत एमएसएमई और स्टार्टअप्स को 2 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही, राजस्थान व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत पुराने वाहनों के निपटान को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शून्य अपशिष्ट समाज के लक्ष्य को साकार करने के लिए सर्कुलर इकॉनमी एलायंस नेटवर्क की स्थापना की जाएगी, जिससे सरकार, निजी क्षेत्र और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
भारत की सर्कुलर इकॉनमी में अग्रणी भूमिका
कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि भारत सर्कुलर इकॉनमी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। थ्री आर (रिड्यूस, रियूज और रिसाइकल) न केवल वर्तमान अर्थव्यवस्था की जरूरत है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस फोरम के तहत ‘जयपुर घोषणा पत्र’ जारी किया जाएगा, जिसमें संसाधन कुशल और कम कार्बन उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए आगामी दशक की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सिटीज 2.0 एक अनूठी पहल है, जो अपशिष्ट प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इस पहल के तहत 14 राज्यों के 18 शहरों में कचरा प्रबंधन संयंत्रों की स्थापना की जा रही है और कचरे से खाद एवं ऊर्जा के उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए श्री खट्टर ने कहा कि सर्कुलर इकॉनमी को अपनाकर ही किसी भी देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। केंद्र सरकार पंचामृत लक्ष्य और मिशन लाइफ जैसे अभियानों के माध्यम से अपशिष्ट पुनर्चक्रण और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
इस अवसर पर जापान, संयुक्त राष्ट्र और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने वीडियो संदेश के जरिए अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश और हरियाणा के शहरी विकास मंत्री, विभिन्न राज्यों के नगरीय विकास विभागों के अधिकारी, नगरीय आयुक्त और महापौर उपस्थित रहे।